रोहतक। अंतरजातीय विवाह करने वाली युवती ममता व उसकी सुरक्षा में तैनात एसआई नरेंद्र सिंह की 6 साल पहले गोली मारकर हत्या करने के तीन दोषियों को एनकाउंटर केस में अदालत ने दस वर्ष कैद की सजा सुनाई है। इन पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दोषी यूपी के मेरठ निवासी प्रिंस, प्रशांत उर्फ टोनी व गद्दी खेड़ी निवासी मोहित को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी यादव की अदालत ने शनिवार को सजा सुनाई।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, आठ अगस्त 2018 को राजकीय महिला कालेज के सामने दिनदहाड़े एसआई नरेंद्र सिंह को दो बाइक सवार युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह अंतरजातीय विवाह करने वाली युवती की सुरक्षा में तैनात था। दोहरे हत्याकांड की जांच करते हुए पुलिस ने छह दिन बाद 14 अगस्त को सिंहपुरा के पास एनकाउंटर के बाद मेरठ स्थित खेरवा रोड कंकर खेडा संत नगर कालोनी निवासी प्रिंस उर्फ चिन्टु, उसके भाई प्रशांत उर्फ टोनी और रोहतक के गद्दी खेड़ी-ताजा माजरा निवासी मोहित उर्फ मंगल को गिरफ्तार किया था। एनकाउंटर के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग भी की। जवाबी कार्रवाई में एक गोली प्रिंस के पैर में लगी थी। एनकाउंटर केस में सदर थाने में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। केस में हथियार सप्लाई करने के आरोपी यूपी के बागपत जिले के गांव बामड़ौली निवासी विकास तोमर के वकील सुशील पांचाल ने बताया कि अदालत ने एनकाउंटर केस में तभी से जिला अदालत में सुनवाई चल रही थी। वीरवार को कोर्ट ने हत्या प्रयास के आरोपी यूपी के मेरठ निवासी प्रिंस व प्रशांत उर्फ टोनी और गद्दी खेड़ी निवासी मोहित उर्फ मंगल को दोषी करार दिया। जबकि विकास तोमर को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। शनिवार को आरोपियों को अदालत ने सजा सुनाई।