रोहतक। पोलंगी गांव में दो भाइयों की हत्या के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है। इतनी बड़ी घटना होने पर भी ग्रामीण खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं। एक व्यक्ति ने कहा कि जयनारायण के परिवार के साथ ग्रामीणों के ज्यादा मधुर संबंध नहीं रहे। अब जयनारायण के छह बेटों में तीन की हत्या और दो का संदिग्ध हालात में निधन हो चुका है।
ग्रामीणों ने बताया कि जयनारायण के छह बेटे थे। सबसे बड़े भाई बिजेंद्र के बाद, समुंद्र, जगमेंद्र, विक्रम, कर्मबीर और सबसे छोटा कुलदीप था। बिजेंद्र व समुंद्र की शादी हुई थी जबकि चार अविवाहित थे। बिजेंद्र, समुंद्र व विक्रम का निधन हो चुका है।
जगमेंद्र, कुलदीप व कर्मबीर एक साथ रहते थे। चार-पांच साल पहले होली के दिन खेड़ी साध के पास पेट्रोल पंप पर विक्रम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जबकि उनसे पहले बिजेंद्र अचानक लापता हो गए थे। बाद में उनका शव मिला था। वहीं समुंद्र सिंह की ससुराल में मौत हो गई थी।
कुरड़ी पाने में पसरा सन्नाटा
जहां दो भाइयों की हत्या हुई, उसके साथ लगती गली में मौजूद एक बुजुर्ग महिला ने कहा, बेटा-मैं तो बीमार हूं। दवाई खाकर लेटी हुई थी। कुछ पता नहीं चल सका। वहीं, 65 साल के बुजुर्ग ने कहा कि मैं तो सुबह सात बजे खेत में चला गया था। 10 बजे वापस आया तो पुत्रवधू बता रही थी कि दो लोगों की हत्या हो गई है। इससे ज्यादा मुझे कुछ नहीं पता।
2000 वोट का जाट बहुल गांव है पोलंगी
एक बुजुर्ग ने बताया कि पोलंगी जाट बहुल गांव है जिसमें 2000 के करीब वोट हैं। जिला मुख्यालय से गांव की दूरी करीब 20 किलोमीटर है। ग्रामीणों ने इतना जरूर बताया कि गांव में इससे पहले इतनी बड़ी वारदात नहीं हुई।
20-रोहतक के पोलंगी गांव में घटनास्थल पर पड़ा खून व ईंट-पत्थर। अमर उजाला
20-रोहतक के पोलंगी गांव में घटनास्थल पर पड़ा खून व ईंट-पत्थर। अमर उजाला
20-रोहतक के पोलंगी गांव में घटनास्थल पर पड़ा खून व ईंट-पत्थर। अमर उजाला