जिले के पूर्व फौजियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें बड़ी बीमारियों के
इलाज के लिए दिल्ली या हिसार नहीं जाना पड़ेगा। उनकी सभी बीमारियों का इलाज
शहर में ही संभव होगा। सेना मुख्यालय ने शहर के तीन अस्पतालों को अपने
पैनल से जोड़ा है। इससे जिले के करीब 20 हजार पूर्व सैनिकों को फायदा होगा।
जिले में रोहतक, महम और सांपला समेत सेना के फिलहाल पांच पॉलीक्लीनिक
हैं। इन क्लीनिक में पूर्व सैनिकों की मामूली बीमारियों का इलाज तो संभव
है, लेकिन आंख और दांत से जुड़ी और दूसरी बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों
को दिल्ली, बहादुरगढ़ या फिर हिसार रेफर किया जाता था। पूर्व सैनिकों की
लंबित मांग को देखते हुए सेना मुख्यालय की तरफ से शहर के कुछ अस्पतालों को
पैनल में जोड़ने के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे। प्रस्तावों के बाद सेना
मुख्यालय की तरफ से तीन अस्पतालों को जोड़ दिया गया है।
पैनल में जोड़े गए ये अस्पताल
सेना
मुख्यालय ने शहर में पुलिस लाइन के पास स्थित मान मल्टीस्पेलिस्ट
हॉस्पिटल, सुखपुरा चौक स्थित राठी आई हॉस्पिटल और दुर्गा कॉलोनी स्थित शिव
डेंटल क्लीनिक को पैनल से जोड़ा है। हालांकि इन अस्पतालों में पॉलीक्लीनिक
के माध्यम से ही मरीजों को रेफर किया जाएगा। रोहतक स्थित पॉलीक्लीनिक के
रिकॉर्ड पर नजर डालें तो यहां से प्रतिदिन 10 से 15 मरीजों को रेफर किया
जाता है।
क्लीनिक में आने वाले मरीजों का पूरा ख्याल रखा
जाता है, लेकिन तीन अन्य अस्पताल पैनल से जुड़ने के बाद मरीजों को फायदा
होगा और उन्हें दिल्ली या अन्य स्थानों पर भी नहीं जाना पड़ेगा।
- कर्नल कृष्ण चंद्र, ऑफिसर इन इंचार्ज पॉलीक्लीनिक, रोहतक।