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तीन लाख लाभार्थी, सिर्फ 81 हजार के बने कार्ड

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केंद्र सरकार ने जरूरतमंद वर्ग के लोगों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा देेने के लिए आयुष्मान भारत बीमा योजना शुरू की थी। जिले में इसके करीब तीन लाख लाभार्थी हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ 81 हजार ही इसका लाभ ले पा रहे हैं। अन्य के अब तक आयुष्मान कार्ड ही नहीं बने हैं।
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केंद्र सरकार ने अक्तूबर 2018 में आयुष्मान भारत योजना शुरू की थी। इसके लाभार्थियों के चयन के लिए 2011 की सामाजिक, आर्थिक जनगणना को आधार बनाया गया था। उसके आंकड़ों के अनुसार जिले में तीन लाख लाभार्थियों का चयन किया गया था। चुने गए लोगों को बकायदा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की ओर से डाक द्वारा पत्र भेजे गए थे कि वे आयुष्मान भारत के तहत लाभार्थी हैं। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार के आकार या उम्र की कोई सीमा नहीं थी। लाभार्थी परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाता है। किसी भी बीमारी की स्थिति में इसमें अस्पताल के खर्च भी कवर किए गए हैं, जिनमें ट्रांसपोर्ट भी शामिल है। लाभार्थी देश में कहीं भी पैनल में शामिल सरकारी और निजी अस्पतालों में जाकर कैशलेस इलाज करवा सकते हैं। लेकिन इतनी महत्वपूर्ण योजना होने के बाद भी जिले में सिर्फ 81 हजार लोग ही अपने कार्ड बनवा सके हैं। योजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि 2018 के आखिरी में स्कीम लांच हुई, हमें सिर्फ 2019 पूरा मिला। मार्च 2020 से कोरोना के चलते बायोमीट्रिक मशीनें बंद कर दी गईं। कैंप भी बंद हो गए, अब फिर कोरोना की दूसरी लहर आ गई है। इसके चलते लोगों के कार्ड नहीं बन सके।
ऐसे और यहां बनवाएं कार्ड
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थियों को पुराना राशन कार्ड, आधार, मोबाइल नंबर, पीएम व सीएम का पत्र ले जाना होगा। पीजीआई, जिला अस्पताल, एसडीसी महम, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर के अलावा पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में भी आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए काउंटर हैं। लाभार्थी द्वारा दस्तावेज देते ही ऑनलाइन आवेदन करवा दिया जाता है, एक दिन के अंदर केंद्र से मंजूरी आ जाती है। फिर उसे आयुष्मान कार्ड जारी कर दिया जाता है।
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आज संपन्न होगा पखवाड़ा
आयुष्मान कार्ड बनवाने को लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए एक मार्च 2021 को आयुष्मान पखवाड़ा शुरू किया गया था, जिसे बढ़ा कर 30 अप्रैल तक कर दिया गया था। वह शुक्रवार को संपन्न हो रहा है। इस दौरान सभी कॉमन सर्विस सेंटरों में आयुष्मान कार्ड बनवाने की कोई फीस नहीं ली गई, जबकि आमतौर पर 30 रुपये प्रति कार्ड लिए जाते हैं।
यहां हो सकता है इलाज
योजना के तहत नामित सार्वजनिक अस्पतालों में सिविल अस्पताल, पीजीआईएमएस, सीएससी किलोई, सीएससी सांपला, सीएससी चिड़ी, सीएससी मदीना, सीएससी काहनौर, सीएससी महम व एचडीएच कलानौर शामिल हैं। निजी क्षेत्र में नोबल हार्ट मल्टी स्पेशलिटी, एआरएस होली हार्ट, ऑस्कर सुपर स्पेशलिटी, ओएनवाईएक्स स्टोन, मानसरोवर मल्टी स्पेशलिटी, मान मल्टी स्पेशलिटी, ईश्वर आई एलएलपी सेंटर, आईक्यू विजन, राठी आई हॉस्पिटल, हुड्डा हॉस्पिटल, ईश्वर ऑर्थोपेडिक, कायनोस, ऑक्सीजन सुपर स्पेशलिटी, शिवम लिवर एंड गैस्ट्रो हॉस्पिटल, एमआर मेमोरियल नवजीवन हॉस्पिटल व सनफ्लैग सुपर स्पेशलिटी शामिल हैं।
आयुष्मान भारत बीमा योजना के तहत जिले में तीन लाख लाभार्थी हैं। अब तक सिर्फ 81 हजार के ही आयुष्मान कार्ड बन पाए हैं। 2019 में लोगों को जागरूक करने को कैंप समेत कई गतिविधियां शुरू की गई थी। लेकिन कोरोना के चलते सब ठप हो गया।
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- डॉ. दिनेश गर्ग, जिला नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत
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