पीजीआईएमएस में शनिवार को पहली बार एक ही दिन में तीन कोरोना संक्रमित मरीजों की उपचार के दौरान मौत हुई है। इसके अलावा जिले में महिला डॉक्टर सहित 17 नये पॉजिटिव केस मिले हैं। इसके साथ ही जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 287 पहुंच गई है। इसके अलावा कोरोना एक्टिव केस 251 हो गए हैं। शनिवार को रोहतक की एक महिला की उपचार के दौरान मौत के बाद जिले में कोरोना पॉजिटिव की मौत का आंकड़ा पांच हो गया है। हालांकि रोहतक की एक कोरोना पॉजिटिव महिला ने गुरुग्राम में दम तोड़ा है, महिला का दो जगह का पता होने के चलते यह मौत किस अकाउंट में जाएगी, बाद में तय होगा। कोरोना का उपचार करने के दौरान शनिवार को जनसेवा संस्थान की 80 साल की एक बुजुर्ग महिला ने दम तोड़ दिया है। महिला छह जून को कोविड अस्पताल में दाखिल हुई थी। इसके अलावा 12 जून को चरखी दादरी के 41 साल के व्यक्ति ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। वहीं 19 मई से उपचाराधीन बहादुरगढ़ निवासी 40 वर्षीय व्यक्ति ने भी दम तोड़ दिया है। तीन कोरोना पॉजिटिव मरीजों की एक साथ मौत से संस्थान में हड़कंप मच गया। वहीं सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि 17 नये कोरोना के मरीजों की पुष्टि हुई है। इसमें दुर्गा कॉलोनी के तीन नये पुराने केस के कांटेक्ट के मामले सामने आए हैं। इसके अलावा बहु अकबरपुर, दिल्ली पुलिस का जवान, पीजीआईएमएस के कंट्रोल रूम में तैनात झंग कॉलोनी का व्यक्ति, गांव गिदराण में दिल्ली पुलिस का जवान, दो सांपला व बोहर गांव में भी कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं।
दोनों भाइयों के बाद पिता व तीन बच्चे भी पॉजिटिव, तीन की रिपोर्ट आज
महम। कस्बे के दो सगे भाइयों को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उनके परिवार के छह सदस्यों की सामान्य अस्पताल में कोरोना जांच करवाई गई। इसमें से चार सदस्य और पॉजिटिव पाए जाने से हड़कंप मच गया है। पॉजिटिव पाए जाने वालों में इनके पिता, बेटी व बेटा भी शामिल हैं। कोरोना इंचार्ज एसआई रमेश हुड्डा ने बताया कि दोनों संक्रमितों को होम आइसोलेट कर दिया गया है। शनिवार को पाए गए चार पॉजिटिव केसों को पीजीआई ले जाया गया है। वहीं खेड़ी महम चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सक डॉ. कृष्ण कुमार लाम्बा, उनकी पत्नी व नौ स्टाफ सदस्यों के निगेटिव पाए जाने पर खेड़ी गांव में खुशी का माहौल है। इसके अलावा एक मरीज के बच्चे व दो कामगारों की जांच आज करवाई गई है।
एन-95 मास्क वाले नहीं होंगे क्वारंटीन
पीजीआईएमएस डॉक्टरों व स्टाफ को क्वारंटीन करने के लिए नया नियम बना रहा है। इसके तहत जिन्होंने एन-95 मास्क पहन रखा है, वह लो रिस्क में काउंट होंगे। उनको क्वारंटीन होने की जरूरत नहीं है। इसी के तहत स्त्री रोग विभाग के डॉक्टरों को कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने के बाद भी क्वारंटीन नहीं किया जा रहा है। जबकि पहले दो सप्ताह के लिए क्वारंटीन किया जाता था। इसके बाद नियम बनाया गया कि जिन्होंने पीपीई किट व मास्क पहन रखा है वह क्वारंटीन से अलग किए गए। अब एन-95 मास्क पहने वाले को क्वारंटीन होने से बाहर कर दिया गया है।