जिले में शनिवार को तीन कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। इसमें पीजीआईएमएस कैंपस में सेवानिवृत्त बुजुर्ग के अलावा हरी सिंह कॉलोनी की 80 वर्षीय महिला व सराय मोहल्ला की 29 वर्षीय गृहिणी भी संक्रमण की शिकार हैं। जिले में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 12339 हो गई है।
सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या 31 हो गई है। पिछले दिनों कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या घट रही थी, लेकिन अब यह बढ़ रही है। इसलिए लोगों को अधिक एहतियात बरतने की जरूरत है। जिले के सक्रिय मरीजों में से नौ अस्पताल में उपचाराधीन हैं और 22 मरीज अपने घर पर एकांतवास में उपचार पा रहे हैं। संक्रमण से अब तक जिले के 12148 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। इसके साथ ही अब तक उपचार के दौरान दम तोड़ने वालों की संख्या 160 है। गौरतलब है कि जिले में कोरोना का संक्रमण 4.23 प्रतिशत के हिसाब से बढ़ रहा है, जबकि स्वास्थ्य लाभ लेने वालों का प्रतिशत 98.45 हो गया है।
मेगा टीकाकरण अभियान कल : 10450 को कोरोना वैक्सीन लगाने का रखा लक्ष्य
रोहतक। स्वास्थ्य विभाग सोमवार को जिले में मेगा टीकाकरण अभियान चलाएगा। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने एक दिन में 10 हजार 450 का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा है। इसमें 60 से अधिक आयु वाले व 45 से अधिक आयु वाले जिन्हें गंभीर बीमारी हैं, उन्हें वैक्सीन लगाई जाएगी। यह जानकारी जिला नोडल अधिकारी डॉ. राजबीर सभ्भरवाल ने दी।
नोडल अधिकारी ने बताया कि सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला के नेतृत्व में शनिवार को विभाग में वर्कशाप हुई। इसमें स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों व स्टाफ को टीकाकरण अभियान सफल बनाने का तरीका बताया गया। सोमवार को 169 टीकाकरण सेंटर पर वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के हर छोटे-बड़े सेंटरों पर टीकाकरण सेंटर बनाए गए हैं। एएनएम व एमपीएचडब्ल्यू घर-घर जाकर लाभार्थियों को वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक करेंगे। हर सेंटर पर एक डॉक्टर, एएनएम व एक आईए तैनात होगा। हर स्थान पर आपात स्थिति से निपटने के लिए स्पेशल किट और एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी।
जांच सैंपलों की संख्या बढ़ाएगा विभाग
सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग जिले में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जांच सैंपलों की संख्या को बढ़ाएगा। इसके लिए सभी विभागों को पत्र लिखा गया है कि उनके यहां कोई लक्षण वाला व्यक्ति हो तो उसकी जांच हर हाल में करवाई जाए। स्कूलों के लिए भी उपायुुक्त के माध्यम से निर्देश दिया गया है कि वह शिक्षकों व बच्चों के सैंपल जांच कराएं। स्कूलों में विभाग आरबीएसके की टीम निरीक्षण के लिए भेजेंगे। कहीं गाइडलाइन की कोताही होती पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।