संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। सिविल हॉस्पिटल के पास स्थित दुकानों पर बाल मजदूरी की सूचना पर बुधवार को दबिश दी गई। एमडीडी ऑफ इंडिया के सहायक विकास और मानव तस्करी टीम के सदस्यों रवि मलिक एवं अरुण कुमार ने यहां से तीन बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया। रेस्क्यू किए गए बच्चों में 15 वर्षीय एक बच्चा भोजन की रेहड़ी पर तंदूर पर काम करता मिला।
15 वर्षीय दूसरा बच्चा साइकिल रिपेयर की दुकान पर तो 17 वर्षीय तीसरा बच्चा बर्तन की दुकान पर काम करता मिला। इन में से दो बच्चे उत्तर प्रदेश और तीसरा बच्चा बिहार का रहने वाला है। सभी बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कमेटी के चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक, सदस्य एडवोकेट विकास अत्री एवं उषा रानी ने बच्चों के माता-पिता एवं परिजनों को बुलाकर बच्चों की काउंसिलिंग कराई। उन्हें स्पष्ट रूप से समझाया गया कि यदि भविष्य में बच्चों से मजदूरी करवाई गई तो उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। माता-पिता ने आगे से बच्चों से मजदूरी न करवाने का लिखित व मौखिक आश्वासन दिया।
संबंधित दुकानों के मालिकों को भी सख्त चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में बाल मजदूर रखते पाए गए तो उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक ने कहा कि जिले की सभी दुकानों व अन्य से अपील है कि किसी भी बच्चे से मजदूरी या ऐसा कोई कार्य न करवाएं।