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हरियाणा के विश्वविद्यालयों में इस बार नहीं होंगे सेंट्रलाइज एडमिशन, एंट्रेस एग्जाम कराना असंभव

Thu, 09 Jul 2020 12:46 PM IST
रोहतक ब्यूरो अमर उजाला, रोहतक
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सांकेतिक तस्वीर
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कोरोना के संक्रमणकाल में नये शैक्षणिक सत्र में भी विद्यार्थियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए इस बार उन्हें खासी मशक्कत करनी होगी।
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विद्यार्थियों को प्रत्येक विवि के लिए अलग आवेदन करने होंगे। इसके लिए आवदेन शुल्क भी अलग से देना होगा। क्योंकि इस बार सेंट्रलाइज्ड एडमिशन (केंद्रीयकृत प्रवेश) प्रक्रिया अमल में नहीं लाई जाएगी। एमडीयू के कुलसचिव का कहना है कि कोरोना काल में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखा जा रहा है। इसके कारण केंद्रीयकृत प्रवेश प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही।

दरअसल, पिछले कुछ वर्षों से केंद्रीयकृत प्रवेश प्रक्रिया के तहत विद्यार्थियों को विवि में प्रवेश दिया जा रहा था। इसके तहत प्रदेश भर के विद्यार्थियों को एक ही आवेदन करना होता था। यही नहीं उन्हें फीस व प्रवेश परीक्षा भी एक ही बार देनी होती थी। जबकि वह अपने अंकों के आधार पर प्रदेश के किसी भी विवि में प्रवेश प्राप्त कर सकता था।
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इस बार ऐसा नहीं है। कोरोना संक्रमण व मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण प्रदेश के विश्वविद्यालयों में केंद्रीयकृत प्रवेश प्रक्रिया लागू नहीं की जा रही है। इस कारण सभी विवि अपने स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया चलाएंगे। विद्यार्थियों को भी अलग-अलग विवि में आवेदन करने होंगे। यहां मेरिट आधार पर उन्हें प्रवेश दिया जाएगा।
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कोरोना काल में प्रवेश परीक्षा असंभव

सेंट्रलाइज्ड एडमिशन के तहत प्रदेश भर के विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। इसके लिए एक ही जगह परीक्षा होती रही है। कोरोना काल में यह प्रवेश परीक्षा असंभव है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए सरकार ने भी परीक्षा व सेंट्रलाइज्ड एडमिशन प्रक्रिया से इनकार कर दिया है।

एमडीयू को मिली थी विज्ञान संकाय की जिम्मेदारी
सेंट्रलाइज्ड एडमिशन के तहत सरकार ने एमडीयू व कुरुक्षेत्र विवि को जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके तहत एमडीयू को विज्ञान संकाय व कुरुक्षेत्र विवि को कला संकाय की प्रवेश प्रक्रिया संभालने की जिम्मेदारी मिली। पिछले वर्ष कुरुक्षेत्र विवि ने इस जिम्मेदारी से अपने हाथ खींचते हुए प्रवेश प्रक्रिया नहीं संभालने का फैसला ले लिया था।

कोरोना काल में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखा जा रहा है। इसके चलते इस बार केंद्रीयकृत प्रवेश प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही है। विवि अपने स्तर पर विद्यार्थियों को प्रवेश देगा। महामारी काल में प्रदेश भर के विद्यार्थियों की सोशल डिस्टेंसिंग के तहत एक साथ परीक्षा लेना असंभव है। इसलिए इस बार मेरिट आधार पर विवि में प्रवेश दिया जाएगा।
- प्रो. गुलशन तनेजा, कुलसचवि, एमडीयू।
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