फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नीट 2025 में एमडीयू के परीक्षा केंद्र में हुई थी धांधली : प्रदीप देशवाल

Tue, 30 Sep 2025 03:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
विज्ञापन
26 पत्रकारों से बात करते छात्र नेता प्रदीप देशवाल व अन्य। संवाद
विज्ञापन
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के कुलपति आवास में गमला फैक्टरी मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि एक और नया विदाद खड़ा हो गया है। यह मामला एमडीयू के आईएचटीएम विभाग में हुई नीट 2025 का है। इस परीक्षा केंद्र में बड़े स्तर पर धांधली होने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप सोमवार को इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप देशवाल ने प्रेसवार्ता में लगाए हैं। एमडीयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विकास सिवाच भी उनके साथ थे।
विज्ञापन

देशवाल का आरोप है कि एमडीयू के आईएचटीएम विभाग में हुई नीट 2025 परीक्षा में विवि प्रशासन की मिलीभगत से बड़े स्तर पर धांधली हुई है। नीट के दौरान की कुछ तस्वीरें भी जारी करते हुए उन्होंने कहा कि तस्वीरों में संदिग्ध व्यक्ति मोबाइल फोन लेकर परीक्षा केंद्र में घूमता नजर आ रहा है। छात्र व शिक्षक संघ ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से मामले की जांच कराने व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

देशलाल ने दावा किया है कि विवि प्रशासन के निर्देश पर बाहरी लोगों की परीक्षा में ड्यूटी लगाई गई थी। यह अपने आपमें बड़ा सवाल है। परीक्षा में ऐसे लोगों की ड्यूटी लगाई गई जो न तो एमडीयू में शिक्षक हैं और न ही एमडीयू के स्थायी कर्मचारी। एमडीयू से बाहर भी किसी सरकारी नौकरी पर नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की पत्नियों ने भी परीक्षा में ड्यूटी दी है। ये एमडीयू में कर्मचारी नहीं हैं।
विज्ञापन


उन्होंने सीडी दिखाई व दावा किया कि विवि प्रशासन के और भी खुलासे किए जाएंगे। छात्र शिक्षक व कर्मचारियों की महापंचायत कर दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएंगे। इसके लिए कुलसचिव से महापंचायत की अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एमडीयू के सभी कार्यक्रमों में कुलपति की पत्नी को मुख्य अतिथि बनाकर महंगे उपहार दिए जाने की निंदा की। कहा, कुलपति के फर्जी दस्तावेजों की जांच के लिए डीजीपी मुख्यालय से पीजीआई थाने में शिकायत आई है, इस पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। संवाद

विवि प्रशासन, कुलपति एवं अन्य अधिकारियों पर लगाए गए आरोप निराधार : एमडीयू
एमडीयू में आयोजित नीट पूरी तरह से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की ओर से संचालित किया गया था। इसका आयोजन जिला प्रशासन की देखरेख में संपन्न हुआ था। एमडीयू प्रशासन, कुलपति एवं कुलसचिव की इस प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं थी। प्रदीप देसवाल एवं उनके सहयोगियों की ओर से एमडीयू प्रशासन, कुलपति एवं अन्य अधिकारियों पर लगाए गए आरोप निराधार, भ्रामक एवं तथ्यहीन हैं। इनका एमडीयू खंडन और कड़ी निंदा करता है। परीक्षा संचालन के लिए एनटीए की ओर से ही विश्वविद्यालय के तत्कालीन एसोसिएट कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन प्रो. राहुल ऋषि को सिटी को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया था। एमडीयू परिसर में बनाए गए आठ केंद्रों की समस्त व्यवस्थाएं जिला प्रशासन की निगरानी में की गई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें