झज्जर। कोहरे का मौसम है। आसपास के क्षेत्र में पिछले कई दिनों से घना कोहरा पड़ रहा है। इसको लेकर अभी तक प्रशासन की ओर से शहर की सड़कों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शहर में अधिकतर स्थानों पर सड़कों की हालात जर्जर है। मिनी बाईपास पर भी सड़कें जर्जर अवस्था में हैं। इस कारण वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एक ओर तो लोगों को बढ़ते कोहरे के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ सड़कें इतनी जर्जर हैं कि वहां से आने जाने वाले लोगों को ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। वाहन चालकों को आवागमन करने में मुश्किलें आ रही हैं। कई स्थानों पर तो सड़कें टूटी हुई हैं, जहां पर गड्ढे बने हुए हैं। कई स्थानों पर सड़कें उबड़-खाबड़ हैं।
सड़कों पर अनेक स्थानों पर मरम्मत का भी अभाव है। वहीं अनेक स्थानों पर सड़कों की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण पिछले लंबे समय से लोगों का अपने वाहन लेकर आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों के बीच बने सीवर कहीं तो सड़कों से ऊपर है और कहीं सड़कों से नीचे हैं, जिसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के मिनी बाईपास भी सड़कें जर्जरहाल हैं। यहां से बड़े वाहनों का ज्यादा आवागमन होता है और हादसा होने का डर बना रहता है।
यहां पर टूटी हुई हैं सड़कें
शहर में कई जगह सड़कें टूटी हुई हैं, इसके साथ ही मिनी बाईपास पर भी सड़कें जर्जर हाल हैं। शहर में पुराना बर्फखाना रोड, बैंक रोड, छिक्कारा चौक, यादव धर्मशाला चौक, तीन मूर्ति मंदिर से महाराजा अग्रसेन चौक, राव तुलाराम चाैक व मिनी बाईपास पर बने चौक की हालत भी जर्जर है। इस कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कोहरे में टूटी सड़कों पर सफर हो सकता है जानलेवा
बहादुरगढ़। सर्दी शुरू हो चुकी है। सुबह और रात के समय कोहरा भी छाने लगा है। हर साल कोहरे के दौरान बहादुरगढ़ में काफी सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। कई सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। रात के समय यह नजर नहीं आते। झज्जर-बहादुरगढ़ मार्ग की हालत ऐसी है कि यहां पर यह नहीं पता कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क। वहीं बाईपास की सर्विस लाइन भी कोहरे के दिनों में दुर्घटनाओं को न्योता देने में पीछे नहीं। इन सड़कों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
बहादुरगढ़ को गेट-वे ऑफ हरियाणा के नाम से जाता है। बहादुरगढ़ से दिल्ली में प्रवेश करना ही छोटे वाहन चालकों के लिए बेहद परेशानी भरा होता है। बॉर्डर पर सड़क पूरी तरह टूट चुकी है। अनेक बार इन गड्ढों में फंसकर वाहन क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इससे न केवल वाहन चालकों को आर्थिक बल्कि मानसिक परेशानी भी होती है। इसी तरह बहादुरगढ़ बाईपास पर नजफगढ़ रोड फ्लाईओवर के नजदीक सर्विस लाइन पर बड़ा गड्ढा बना हुआ है। यह कोहरे के मौसम में बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
कोहरे में नजर नहीं आते गड्ढे : प्रेम राठी
जब कोहरा घना हो जाता है तो सड़कों में बने गड्ढे वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते। ऐसे में वह इसकी चपेट में आ जाते हैं। इस कारण हर साल काफी छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो जाती हैं। बहादुरगढ़-झज्जर रोड पर वाहन लेकर चलना तो दूर पैदल चलना भी किसी मुसीबत से कम नहीं है। बाईपास को पार करने के बाद झज्जर तक चालकों को केवल गड्ढे ही गड्ढे नजर आते हैं। रात के समय चलना तो इस मार्ग पर किसी आफत के समान है।
-प्रेम राठी, परनाला, निवासी
धरातल पर नहीं होता कुछ काम : महेश
सड़कों के रखरखाव और मरम्मत के जिम्मेदार सरकारी विभाग सालों साल से सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने की बातें तो करते हैं, लेकिन धरातल पर इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं दिखता है। इन दिनों झज्जर मार्ग पूरी तरह टूटा हुआ है। बाईपास की सर्विस लेन पर भी जगह-जगह गड्ढे बने हैं। गड्ढों का आकार इतना बड़ा है कि उनमें वाहन कई बार क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।
-महेश दलाल, सेक्टर-6 निवासी
18jjrp04- झज्जर। झज्जर से बहादुरगढ़ रोड की खराब हालत। संवाद
18jjrp04- झज्जर। झज्जर से बहादुरगढ़ रोड की खराब हालत। संवाद
18jjrp04- झज्जर। झज्जर से बहादुरगढ़ रोड की खराब हालत। संवाद
18jjrp04- झज्जर। झज्जर से बहादुरगढ़ रोड की खराब हालत। संवाद
18jjrp04- झज्जर। झज्जर से बहादुरगढ़ रोड की खराब हालत। संवाद