तीन दिन बाद खोली आंखें
विजय की हालत अब भी खराब है। तीन दिन बाद उसे होश आया। अब छह दिन बाद भी बोलने की हालत में नहीं है। डॉक्टरों ने उन्हें अनफिट करार दिया है। पहलवान के भाई का कहना है कि उन्होंने डॉक्टरों से बात की। पता चला है कि एट्रैक्यूरियम बेसिलेट इंजेक्शन केवल अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट या प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवरों के द्वारा ही दिया जा सकता है। इसके लगाने से ब्लड प्रेशर कम होना, त्वचा का फड़कना घबराहट होना शामिल है।
पहलवान के भाई के बयान पर फार्मेसी संचालक के खिलाफ जल्दबाजी व लापरवाही से दूसरे का जीवन खतरे में डालने का बीएनएस की धारा 125बी के तहत एफआईआर दर्ज की है। आरोपी की तलाश की जा रही है, लेकिन अभी पकड़ में नहीं आया है।
-इंस्पेक्टर रोशन लाल, प्रभारी थाना पीजीआईएमएस