रोहतक। लाखन माजरा के युवक पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती कोर्ट में बयान से पलट गई। गवाही में कहा कि पुलिस ने उससे कोरे कागजात पर हस्ताक्षर करवाए थे। पुलिस ने पता नहीं क्यों केस दर्ज किया। वह आरोपी को जानती नहीं है। एएसजे संदीप दुग्गल की अदालत ने दो साल सात माह चली अदालत की कार्रवाई के बाद साक्ष्यों के अभाव में आरोपी को बरी कर दिया।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सितंबर 2022 में युवती ने महिला थाने में शिकायत दी कि तीन साल से एक युवक उसे परेशान कर रहा है। साल 2019 में शादी का झांसा देकर उसका यौन उत्पीड़न किया। साथ ही अश्लील वीडियो बना लिया। किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी दी। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल किया गया।
इसी बीच उनके पिता ने उसकी शादी कर दी। फिर भी आरोपी ब्लैकमेल करता रहा। शादी के बाद भी आरोपी ने उसे होटल ले गया और गलत काम किया। उसे साथ रहने के लिए मजबूर किया। इससे उसकी शादी टूट गई। माता-पिता ने भी संबंध तोड़ लिए। सात-आठ माह आरोपी ने उसे हिसार में रखा। इसके बाद गुरुग्राम ले गया और वहां पर छोड़कर चला गया।
पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। दो साल सात माह तक अदालत में केस चलता रहा। गवाही के दौरान शिकायतकर्ता ने कहा कि पुलिस ने उससे कोरे कागजात पर हस्ताक्षर लिए थे। वह अदालत में मौजूद आरोपी को नहीं जानती। उसे नहीं पता पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस क्यों दर्ज किया है। साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया।