जुलाना। कस्बे में साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप नजर आ रही है। बाजार और रिहायशी इलाकों के आसपास खाली पड़े प्लॉट गंदगी के ढेर में तब्दील हो चुके हैं। इन प्लॉटों में लगातार कूड़ा-कचरा डाला जा रहा है। बदबू और गंदगी से क्षेत्र के लोगों का रहना दूभर हो गया है। हालात इतने बदतर हैं कि लोगों को नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
दुकानदार सुषमा, कपिल, राजेश, अमित का कहना है कि खाली पड़े प्लॉटों में घरेलू कचरा, पॉलीथिन, सड़ा-गला सामान और पशु अपशिष्ट डाला जा रहा है। गंदगी के कारण इलाके में दुर्गंध फैली रहती है। खासकर बाजार क्षेत्र के आसपास यह समस्या और भी गंभीर हो गई है जहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है।
दुर्गंध के कारण दुकानदारों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। गंदगी के इन ढेरों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा दिनभर लगा रहता है। गाय, सांड और कुत्ते कूड़े में मुंह मारते रहते हैं। कई बार लावारिस पशु सड़कों पर बैठ जाते हैं। इससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
समस्या को लेकर वे कई बार नगर पालिका कार्यालय में शिकायत दर्ज करवा चुके हैं लेकिन अब तक कोई भी समाधान नहीं हुआ। सफाई कर्मचारी कभी-कभार कूड़ा उठाने आते हैं लेकिन कुछ ही दिनों में हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं।
गंदगी से बीमारी फैलने का खतरा
आरोप है कि न तो खाली प्लॉटों की नियमित सफाई करवाई जा रही है और न ही वहां कूड़ा डालने से रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। गंदगी से बीमारी फैलने का खतरा है। मच्छरों और मक्खियों की संख्या बढ़ने से डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का डर बना हुआ है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि खाली पड़े प्लॉटों की साफ-सफाई करवाई जाए। वहां कूड़ा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए और नियमित रूप से सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
वर्जन
निजी प्लॉट में सफाई की जिम्मेदारी मालिक की होती है। वे अपने प्लॉट की सफाई और चारदीवारी करवाएं। अगर कोई भी गंदगी फैलाता हुआ पाया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- सौरभ जैन, सचिव नपा जुलाना।