11सीटीके02...पीजीआई में शौचालय का टूटा पड़ा दरवाजा। संवाद
रोहतक। टूटे दरवाजे, टोंटी से बहता पानी और दुर्गंध...यह हाल है पीजीआई के आपातकालीन विभाग के शौचालय का। यहां हालत इस कदर है कि मरीज या उनके परिजनों के लिए सांस लेना तक मुश्किल होता है। यहां हर समय उठने वाली दुर्गंध दूर तक फैली रहती है। इस कारण पास से गुजरने वालों को भी नाक पर कपड़ा रखना पड़ता है। यही नहीं, इन बदहाल शौचालयों के इस्तेमाल से संक्रामक रोग होने का खतरा है।
आपातकालीन विभाग में आने वाले मरीज व उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कहने को यहां सफाई कर्मचारी भी हैं और दिन में छह से दस बार पोछा भी लगता है। इसके बावजूद यहां के हालात बदतर हैं। नतीजतन, शौच के लिए लोगों को बाहर जाना पड़ता है। विवि प्रशासन का मरीजों की इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं है।
आपातकालीन विभाग के शौचालय गंदे हैं। यहां से हर समय दुर्गंध उठती रहती है। इस कारण इन्हें प्रयोग नहीं किया जा सकता। दूषित माहौल व गंदे शौचालयों के कारण संक्रमण का खतरा बना रहता है।
- श्रुति, दुबलधन।
आपातकालीन विभाग में मरीज भर्ती है। उससे मिलने आए हैं। यहां का शौचालय इतना बदहाल है कि सांस लेना मुश्किल हो गया। इन शौचालयों में जाना बीमारियों को निमंत्रण देना है।
- मीनू, तीमारदार।
पीजीआई के आपातकालीन विभाग के शौचालय बदहाल हैं। इन्हें इस्तेमाल करना तो दूर यहां से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। शौचालयों से इतनी दुर्गंध आती है कि नाक पर कपड़ा रखना पड़ता है।
- पुनीत, तीमारदार।
आपातकालीन विभाग के शौचालय बहुत गंदे हैं। यहां दिन भर दुर्गंध उठती रहती है। इन शौचालयों का प्रयोग करना संक्रामक रोगों का कारण बन सकता है। इनकी ठीक से सफाई होनी चाहिए।
- तुषार, तीमारदार।
11सीटीके02...पीजीआई में शौचालय का टूटा पड़ा दरवाजा। संवाद