रोहतक। साइबर ठग दूर बैठकर लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं। 24 घंटे के अंदर छह वारदात सामने आई हैं, जिसमें 12 लाख के करीब की राशि निकाल ली गई। इसमें दो केस साइबर क्राइम व दो सिटी थाने में दर्ज किए गए। जबकि एक-एक केस शिवाजी कॉलोनी व महम थाना एरिया में सामने आया है। एक्सपर्ट का कहना है कि साइबर अपराधियों से सतर्क रहकर ही बचा जा सकता है।
रिठाल की महिला के खाते से निकाले 4.27 लाख रुपये
जिले के गांव रिठाल नरवाल में किसी ने एक महिला के खाते से यूपीआई आईडी के माध्यम से 39 बार में 4 लाख 27 हजार रुपये निकाल लिए। इस संबंध में महिला ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है। महिला कमलेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह मूलरूप से रिठाल नरवाल की रहने वाली है। अब लाढ़ोत रोड पर रहती है। उसका रिठाल गांव की पंजाब नेशनल बैंक की ब्रांच में खाता है। एक मई 2023 से 4 जुलाई 2023 तक उसके खाते से यूपीआई आईडी के माध्यम से 39 बार निकासी कर 4 लाख 23 हजार 765 रुपये निकाल लिए। उसके पास न तो डेबिट कार्ड है और न ही वह ऑनलाइन लेनदेन करती है। उसे नहीं पता किसने यह ठगी की वारदात अंजाम दी है।
इंग्लैंड से मुंहबोला भाई बनकर युवती से 3.30 लाख रुपये ठगे
इंग्लैंड से मुंह बोला भाई बनकर एक युवक ने हिसार रोड स्थित नटबोल्ट कंपनी की ऑपरेटर पूजा से 3.30 लाख रुपये ठग लिए। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर जिले के गांव सागर की रहने वाली पीड़िता ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है। पूजा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह एक साल से रोहतक में नौकरी करती है, साथ ही सैनिक कॉलोनी में रह रही है। 11 जून को उसने फेसबुक पर एक मैरिज ब्यूरो के विज्ञापन पर क्लिक किया था। एक घंटे बाद उसके नंबर पर व्हाट्सअप मैसेज आया, जिसमें युवक ने लिखा कि वह यूके से अमन प्रीत सिंह है, जिसके परिवार में कोई नहीं है। आपको छोटी बहन समझकर कपड़े व पैसे पार्सल कर रहा है। 16 जून को उसके पास एक कॉल आई, जिसमें बताया गया कि आपका पार्सल आया हुआ है। इसके लिए 25 हजार रुपये चार्ज के तौर पर जमा कराने होंगे। उसने पैसे देने से मना किया तो कहा गया कि आपका आधार कार्ड आ चुका है। अगर पैसे नहीं जमा कराएगी तो जीएसटी कार्यालय में जमा करवा देंगे। जीएसटी की कार्रवाई से वह डर गई। इसके बाद उसे अलग-अलग समय पर 3 लाख 30 हजार रुपये जमा करवा लिए।
लोन मंजूर होने का झांसा देकर ठग लिए 1 लाख 22 हजार रुपये
महम पुलिस के मुताबिक महम के ढेर पाना निवासी कुलबीर सिंह ने दी शिकायत में बताया कि 20 जुलाई को उसके पास कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि आपने लोन के लिए आवेदन किया था, जो पास हो गया है। इसके बाद व्हाट्सअप पर आधार कार्ड, पैन कार्ड व अन्य कागजात मांगे। उसने कागजात भेज दिए। इसके बाद किसी न किसी बहाने से 1 लाख 22 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। बाद में 51 हजार रुपये और मांगे तो शक हुआ। जांच की तो पता लगा कि किसी ने उसके साथ ठगी की है।
रिश्तेदार बनकर गोपालपुरा के युवक से दो लाख ठगे
वहीं, हिसार रोड स्थित गोपालपुरा निवासी राजेश ने सिटी थाने में दी शिकायत में बताया कि 17 जुलाई को उसके पास पवन नाम के व्यक्ति का फोन आया। बोला, मैं आपका रिश्तेदार बोल रहा हूं। खाते में 11 लाख 30 हजार रुपये भेज रहा हूं। उनमें से चार लाख रुपये उसके एजेंट को दे देना। साथ ही उसके पास बैंक की रसीद भी भेजी। बोला, दो दिन में पैसे खाते में आ जाएंगे। थोड़ी देर बाद दूसरे नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाला बोला, मैं एजेंट हूं। मां बहुत बीमार है। इसलिए पैसे भेज दीजिए। बताए गए अकाउंट में उसने दो लाख रुपये की राशि बहन से लेकर ट्रांसफर कर दी। अब तक न तो उसके खाते में 11 लाख 30 हजार रुपये आए, जबकि 2 लाख रुपये भी चले गए।
गलती से 20 हजार भेजने की कहकर ठग लिए 38 हजार
पुरानी अनाज मंडी निवासी रविप्रकाश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी बेटी प्रिया के नंबर पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि आपके नौकर अंकित ने 10 हजार भेजने के लिए आपका अकाउंट नंबर दिया है। इसके बाद आरोपी ने एसएमएस भेज दिया, जिसमें लिखा था कि 10 हजार रुपये जमा करवा दिए। थोड़ी देर बाद कॉल आई, बोला 2 हजार रुपये जमा करवाने थे। गलती से 20 हजार रुपये जमा हो गए। इसके बाद आरोपी ने उसकी बेटी से तीन बार में पेटीएम के माध्यम से 38 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए।
मैसेज भेजकर जनता कॉलोनी की युवती से ठगे 82 हजार रुपये
शहर की जनता कॉलाेनी की एक युवक को मैसेज भेजकर एक युवक ने 82 हजार रुपये ठग लिए। इस संबंध में शिवाजी कॉलोनी थाने में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक जनता कॉलोनी निवासी समता ने दी शिकायत में बताया कि उसके पास तीन जुलाई को फोन आया। कॉल करने वाले ने कहा कि आपके पास गलती से पैसे भेज दिए हैं। इसके लिए चार मैसेज आए। इसके बाद आरोपी ने कहा कि करीब 82 हजार रुपये वापस ट्रांसफर कर दीजिए। उसने विश्वास करके पैसे भेज दिए। इस संबंध में शिवाजी कॉलोनी थाने में केस दर्ज किया गया है।
सावधान रहकर ही साइबर ठगी से बचा जा सकता है। रिश्तेदार बनकर देश ही नहीं, विदेश से भी कॉल की जा रही हैं। आम लोगों से आग्रह है कि वे रिश्तेदार बनकर कॉल करने वाले को पहले खुद नाम न बताएं, बल्कि उससे नाम पूछें। इसके बाद असली रिश्तेदार को कॉल करके बात करें। बताए गए खाते में जांच पड़ताल के बाद ही पैसे भेजें।
इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह, प्रभारी थाना साइबर क्राइम