रोहतक। हरियाणा विधिक सेवा प्राधिकरण (हालसा) के महत्वाकांक्षी अभियान दीवारों के भीतर न्याय (जस्टिस विद इन द वॉलस) के तहत बुधवार को जिला जेल परिसर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बंदियों को विभिन्न कानूनी प्रावधान, जैसे कि जमानत के अधिकार, अपील दाखिल करने की प्रक्रिया, पैरोल और फरलो के नियम और प्ली बार्गेनिंग के बारे में जानकारी दी गई।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण रोहतक के डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसल राजबीर कश्यप ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता सेवाओं के बारे में जागरूक करना था। न्याय तक पहुंच प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है और इसमें वे लोग भी शामिल हैं, जो जेल में हैं।
उन्होंने कानूनी सहायता के महत्व पर जोर दिया और बताया कि कैसे विधिक सेवा प्राधिकरण गरीब और जरूरतमंद बंदियों को निशुल्क कानूनी सेवाएं प्रदान करता है।
यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की चेयरपर्सन तथा जिला एवं सत्र नीरजा कुलवंत कलसन और सीजेएम डॉ. तरन्नुम खान के आदेश एवं निर्देशानुसार आयोजित किया गया।