नारनौल। शहर स्थित महिला थाने में मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से दोस्त पुलिस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को जागरूक करना और महिला पुलिस के साथ विश्वास एवं संवाद स्थापित करना रहा।
कार्यक्रम में महिला कॉलेज की लगभग 50 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और महिला थाने की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। थाना प्रभारी मंजूषा और दुर्गा शक्ति इंचार्ज मिनाक्षी ने थाने की विभिन्न शाखाओं, उनकी भूमिका और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी।
थाने का भ्रमण करते हुए छात्राओं ने बताया कि अब तक उन्होंने पुलिस थाने का दृश्य केवल फिल्मों और टीवी कार्यक्रमों में ही देखा था। प्रत्यक्ष रूप से थाने का वातावरण देखकर उन्हें महसूस हुआ कि यहां पुलिस कर्मियों का व्यवहार दोस्ताना और सहयोगपूर्ण है। इससे थाने में आने को लेकर उनकी झिझक भी दूर हुई।
थाना प्रभारी मंजूषा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने छात्राओं को आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 के उपयोग के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि आपात स्थिति में कॉल करने पर पुलिस शीघ्र मौके पर पहुंचती है।
सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराध, ऑनलाइन ठगी और अनजान लोगों से संपर्क से बचने जैसी सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया।
पीएसआई मनीषा ने छात्राओं को पॉक्सो एक्ट के तहत कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी और बताया कि नाबालिगों के साथ किसी भी प्रकार का शोषण दंडनीय अपराध है जिसकी तुरंत शिकायत करनी चाहिए।
दुर्गा शक्ति इंचार्ज मिनाक्षी ने दहेज प्रथा को कानूनन अपराध बताते हुए कहा कि इससे जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की जाती है। उन्होंने छात्राओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में भी अवगत कराया। कार्यक्रम में महिला कॉलेज से डॉ. वंदना और डॉ. सुनीता भी उपस्थित रहीं।
छात्राओं की प्रतिक्रिया
महिला थाने में आकर महिलाओं से छेड़छाड़ सहित अन्य आपराधिक घटनाओं में पुलिस सहायता कैसे प्राप्त की जाए, इसकी विस्तृत जानकारी मिली। मानवी, छात्रा।
दोस्त पुलिस कार्यक्रम में भाग लेकर उत्साहित हूं। पुलिस की कार्यशैली को नजदीक से देखने और समझने का अवसर मिला। -
सोनम, छात्रा
कार्यक्रम के दौरान शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और विभिन्न शाखाओं की जानकारी मिली। साथ ही समाज में जागरूकता फैलाने की प्रेरणा भी मिली।
-कल्पना शर्मा, छात्रा
पहली बार पुलिस थाना प्रत्यक्ष रूप से देखा। यहां आकर हमारी झिझक दूर हुई और पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है।
-नेहा, छात्रा