रोहतक। पीजीआई निदेशक डॉ. एसके सिंघल के आदेश के बाद भी अस्पताल के अंदर सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। आपातकालीन विभाग के आसपास शौचालयों से आ रही दुर्गंध के कारण गुजरना मुश्किल हो रहा है। इनमें टूटे पाइपों से पानी बहता रहता है। फर्श पर बैठे मरीजों व उनके तीमारदारों के पास कुत्ते सोए रहते हैं।
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे आपात विभाग में इस तरह की अव्यवस्थाएं मिलीं। प्रवेश करते ही फर्श पर ही मरीज के साथ आए तीमारदार बैठे थे। इनके पास ही कुत्ते भी आराम करते दिखाई दिए। सुरक्षाकर्मी भी इन्हें यहां से भगाने की जहमत नहीं उठाते हैं। इससे इंफेक्शन के साथ स्किन संबंधी बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है।
इसके बाद शौचालयों की हालत देखने पहुंचे तो बाहर तक इस कद्र दुर्गंध आ रही थी कि लोगों को मुंह पर हाथ रखकर गुजरना पड़ रहा था। शौचालयों में पाइप टूटने के कारण पानी व्यर्थ बहता मिला।
-
छोटी कैंटीन के आसपास मिला कूड़ा, बेड पर बिछी थीं खून से सनी चादरें
विभाग में मरीजों और तीमारदारों के लिए संचालित छोटी कैंटीन के आसपास कूड़ा जैसे चाय के प्लास्टिक कप आदि पड़े मिले। मरीजों की इस्तेमाल की गईं चादरें वाटर कूलर के पास पड़ी मिलीं। विभाग में कई बेड पर चादरें साफ नहीं थीं। कई बेड पर बिछीं चादरें खून से सनी मिलीं।
-
कुत्तों से फैलती हैं ये बीमारियां
अगर कुत्ता किसी स्थान पर बैठ या सो रहा है और वहीं इंसान भी बैठता है तो स्किन के साथ अन्य बीमारियों के फैलने का खतरा अधिक रहता है। खुजली और खारिश भी हो सकती है।
- डॉ. जसमिंद्र सिंह, मेडिसिन विभाग विशेषज्ञ
वर्जन
आपातकालीन विभाग में बदहाल सफाई व्यवस्था का पता कराएंगे। इसके बारे में ज्यादा जानकारी के लिए जनसंपर्क अधिकारी से जानकारी ले सकते हैं।
- डॉ. महेश मेहला, सफाई प्रभारी पीजीआई
01-पीजीआई के आपातकालीन विभाग में संचालित कैंटीन के पास सफाई की स्थिति। संवाद
01-पीजीआई के आपातकालीन विभाग में संचालित कैंटीन के पास सफाई की स्थिति। संवाद