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दुकानदार बोले - कहां गया पूर्व मंत्री का वादा पहले बसाऊंगा, बाद में जगह को हाथ लगाऊंगा

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रेलवे एलिवेटेड ट्रैक के डी पार्क की ओर बनने वाली सड़क को लेकर गाधी कैंप के मकान मालिक को नोटिस दिए - फोटो : RohtakCity
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एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के साथ नगर निगम प्रशासन ने सड़क बनाने की प्रक्रिया शुरू करने के तहत नोटिस भेजे तो लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा हुआ कि अब वे कहां जाएंगे। उनका यह सवाल इसलिए भी वाजिब है कि निगम ने दुकानदारों को दुकानें व मकान मालिकों को मकान देने का जो वादा किया था वह अभी पूरा नहीं किया गया है। उल्टे नोटिस में यह कहा गया है कि 15 दिन में स्वयं निर्माण को तोड़ लें अन्यथा निगम प्रशासन तोड़ेगा। असमंजस की स्थिति में दुकानदार व मकान मालिक को कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है। निगम पार्षद व कुछ दुकानदार समस्या को लेकर मंगलवार को नगर निगम के मेयर और आयुक्त से मिले। वहीं निगम प्रशासन का कहना है कि जो दुकान या मकान सड़क निर्माण की जद में आ रहे हैं वे सभी दस्तावेज लेकर निगम कार्यालय में नोडल अधिकारी से मिलकर जमीन हस्तांतरण की कार्यवाही अमल में लाएं।
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अजीबोगरीब तरीके से बांटे गए नोटिस
एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के निर्माण के समय प्रशासन ने दुकानदारों से तालमेल के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी। कमेटी में तीन पार्षद भी शामिल किए गए थे। निगम प्रशासन ने नोटिस देने से पहले कमेटी के सदस्य पार्षद राधेश्याम ढल को भी सूचित नहीं किया। लोगों ने फोन कर उनको मामले के बारे में सूचित किया। वहीं मामले के संबंध में पार्षद राधेश्याम ढल मंगलवार को मेयर कार्यालय पहुंचे।
जब एलिवेटेड पुल का निर्माण शुरू किया गया था तो रेलवे लाइन के आसपास के लोगों से पूर्व मंत्री व भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष ग्रोवर ने वादा किया था कि दुकानों या मकानों को तोड़ने से पहले उनको बदले में दुकानें व मकान बनाकर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा था कि तोड़ने से पहले बसाऊंगा। अब निगम की टीम ने स्वयं निर्माण तोड़ने का 15 दिन का समय दिया है। न ही बदले में अभी तक दुकानें दी गईं और न ही मकान। -नरेंद्र, एलिवेटेड ट्रैक के साथ बनने वाले रोड से प्रभावित मकान मालिक।
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बंटवारे के समय हुए थे बेघर, फिर से वही स्थिति बनी
जब देश का बंटवारा हुआ था तब पाकिस्तान से आकर कैंप में बसे थे। बंटवारे की वजह से बेघर हो गए थे। अब निगम ने 15 दिन का नोटिस देकर वही स्थिति खड़ी कर दी है। 50 सालों से कपड़े प्रेस करने की दुकान चलाकर गुजर-बसर कर रहा हूं। अब तक निगम प्रशासन ने हमें दुकानें भी नहीं दी हैं। अगर नई दुकान दिए बिना यहां दुकान तोड़ दी तो हमारे भूखों मरने की नौबत आ जाएगी। - सुंदर लाल, दुकानदार।
चार साल पहले दुकान गई, अब मकान का नोटिस मिला
एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के निर्माण के समय मेरी दुकान तोड़ दी गई थी। प्रशासन व नेताओं ने दुकान देने की बात कही थी, मगर अभी तक नहीं मिली। जिस मकान में रह रहा हूं उसे भी तोड़ने के लिए सोमवार को निगम प्रशासन ने नोटिस दिया है। मेरी परेशानी को कोई नहीं समझ रहा है। निगम प्रशासन ने ऐसा किया तो हम बेघर हो जाएंगे। - रेणु, मकान मालिक।
कहां जाएं, क्या करें समझ में नहीं आ रहा
मेरी दुकान 116 गज में बनी हुई है। सोमवार को 80 गज जमीन को खाली करने के लिए नगर निगम ने नोटिस भेजा है। मुझे आश्वासन दिया गया था कि पहले दुकान दी जाएगी। अब बिना दुकान दिए ही मुझे यहां से जगह खाली करने के नोटिस देकर निगम नाइंसाफी कर रहा है। मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि किसके सामने गुहार लगाऊं और क्या करूं। -ललित गोसाई, दुकानदार
एलिवेटेड ट्रैक के साथ बनने वाले रोड की जद में आने वाले दुकानदारों व मकान मालिकों को नगर निगम पहले जगह उपलब्ध करवाए। बाद में निर्माण कार्य शुरू करे। अगर निगम प्रशासन बिना ऐसा किए कार्रवाई करता है तो हम समाज के लोगों के साथ खड़े हैं। -राधेश्याम ढल, पार्षद
पहले दुकान व मकान अलॉट किए जाने चाहिए
प्रशासन को कार्रवाई करने से पहले इन लोगों को दुकान व प्लॉट अलॉट करने चाहिए। अगर पहले कोई कार्रवाई की जाती है तो ये लोग बेघर हो जाएंगे। निगम आयुक्त से मामले को लेकर बात की तो उन्होंने कहा कि अभी तोड़फोड़ नहीं करेंगे। -मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम
प्रभावित होने वाले दुकानदार व मकान मालिक निगम में दस्तावेज जमा करवाकर जमीन हस्तांतरण की कार्यवाही अम्ल में लेकर आएं। संयुक्त आयुक्त महेश कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। संबंधित मामले में दुकानदार व मकान मालिक नोडल अधिकारी से मिलकर कागजी कार्यवाही को जल्द से जल्द पूरा करें। -डॉ. नरहरि बांगड़, नगर आयुक्त

रेलवे एलिवेटेड पुल के साथ बनने वाली सड़क का नक्शा देखते निगम आयुक्त डॉ. नरहरि सिंह बागड़। अमर उजा?- फोटो : RohtakCity

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