रोहतक। शादी न करने पर घर में घुसकर तेजाब डालने की धमकी देने के आरोपी विजय नगर निवासी विजय की एएसजे रजनी यादव की कोर्ट ने तीन साल कैद की सजा बरकरार रखी है। निचली कोर्ट ने उसे 2018 में दोषी करार दिया था, इसके बाद आरोपी ने सेशन कोर्ट में अपील की थी।
पुलिस रिकाॅर्ड के अनुसार 2014 में बीए में पढ़ने वाली एक छात्रा ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दी थी। आरोप लगाया था कि वह 2012 में स्कूटी लेकर कॉलेज जा रही थी। रास्ते में विजय नगर का रहने वाला विजय मिला और उसकी स्कूटी गिरा दी। उसने थाने में शिकायत दी, हालांकि बाद में राजीनामा हो गया। मई 2014 में वह भाभी के साथ घर पर थी। शाम करीब आठ बजे विजय घर आया और सीढि़यों में चढ़कर धमकी देते हुए बोला, मेरे से शादी कर ले नहीं, तो तेजाब डालकर जान से मार दूंगा। उसने विरोध किया तो बोला, शादी नहीं की तो तुझे व तेरे परिवार को खत्म कर दूंगा। इसके बाद आरोपी फरार हो गया। पीड़िता ने थाने में शिकायत दी कि आरोपी से उसे जान का खतरा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 2018 में आरोपी को निचली अदालत ने तीन साल कैद की सजा सुनाई। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ आरोपी ने सेशन कोर्ट में अपील की। अब एएसजे रजनी यादव की अदालत ने निचली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है।