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Rohtak News: 12 साल से धूल फांक रहा 6.66 करोड़ से बना साई सेंटर, दरवाजे चट कर रही दीमक

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महम
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अजमेर गोयत
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महम। ऐतिहासिक महम चौबीसी के चबूतरे के पास 6.66 करोड़ रुपये से बना 100 बिस्तर का छात्रावास
12 साल बाद भी धूल फांक रहा है। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की ओर से खिलाड़ियों की सुविधा के लिए बनवाए इस छात्रावास में न तो कोई खिलाड़ी है और न ही कोई अधिकारी। नतीजतन साई के इस 58वें केंद्र के दरवाजों को दीमक चट कर रही है।

महम में 14 साल पहले छात्रावास की रूपरेखा तैयार हुई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, तत्कालीन केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन, सांसद दीपेंद्र हुड्डा व विधायक आनंद सिंह दांगी ने 7 अक्तूबर 2012 को साई सेंटर बनाने के लिए भवन की आधारशिला रखी थी।
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2014 में 100 बिस्तरों वाला छात्रावास व मल्टीपर्पज हॉल बनकर तैयार हो गया। इसके बनने से उम्मीद जगी थी कि रोहतक, हिसार, जींद व भिवानी जिले की सीमा होने के कारण यहां पर खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिलेगा।
तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 4 फरवरी 2018 को तत्कालीन स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज व पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर की मौजूदगी में भवन का उद्घाटन किया। इसके बाद से अब तक यह इमारत जर्जरहाल है। इसमें लगे दरवाजों को दीमक चट कर चुकी है। बाहर खिड़कियों व रोशनदानों के शीशे टूटे हुए हैं। यहां तक की दीवारों में दरार आने लगी हैं। संवाद
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जमीन शहर के साथ लगती है। सड़क व अन्य सुविधाएं सही हैं। यहां छात्रावास व खेल स्टेडियम मौजूद है। बॉक्सिंग रिंग, अखाड़ा, कबड्डी व अन्य खेलों के लिए ट्रैक बनाकर कोच तैनात करने चाहिए।



- साधु राम, डीपीई




वर्ष 2012 में इस छात्रावास की नींव रखी गई। इसके बाद से अब तक सुनते आ रहे हैं कि अधिकारियों का दौरा कराया गया है। धरातल पर कुछ नहीं हुआ। क्षेत्रवासियों को कई साल से यहां खेल सुविधाएं शुरू होने का इंतजार है।



- हरेंद्र ढाका, डीपीई




रोहतक, भिवानी, हांसी, जींद व सोनीपत जिले की इस क्षेत्र से सीमा लगती है। बस व रेल की कनेक्टिविटी है। ऐसे में यह केंद्र खिलाड़ियों के लिए अच्छी सुविधा वाला साबित हो सकता है। यहां खेल मैदान होना चाहिए।
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- प्रमोद, डीपीई





राष्ट्रीय खेल प्राधिकरण की टीम ने दौरा किया था। मल्टीपर्पज हॉल को बॉक्सिंग रिंग बनाने में कुछ परेशानियां हैं। सरकार को पत्र भेजा गया है। कर्मचारियों के अलावा अन्य मांगें भी भेजी गई हैं।
- प्रदीप गुलिया, जिला खेल अधिकारी
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फोटो 01 साधु राम डीपीई



02 हरेंद्र ढाका डीपीई



03 प्रमोद डीपीई



04 महम में खिलाड़ियों के लिए बनाया गया छात्रावास। संवाद



05 देखरेख के अभाव में दरवाजों में लगी दीमक । संवाद



06 देखरेख के अभाव में खिड़कियों के टूटे शीशे। संवाद

महम

महम

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