रोहतक। जिलास्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने खूब दम दिखाया मगर अधिकारियों की तरफ से की गई व्यवस्था बेदम नजर आई। पहले दिन खिलाड़ियों को न शौचालय की व्यवस्था मिली और न ही दौड़ने के लिए बेहतर ट्रैक।
महिला खिलाड़ियों ने पहले दिन उबड़-खाबड़ ट्रैक पर दौड़ लगाई। उन्होंने कहा कि नंगे पांव दौड़ने से उनको चोटिल होने का डर सता रहा था। राजीव गांधी खेल स्टेडियम में शनिवार को महिलाओं की एथलेटिक, रिकॉर्ड, हॉकी, ताइक्वांडो, साइकिलिंग व कराटे की स्पर्धाएं हुईं।
खस्ताहाल मैदान में खिलाड़ियों ने जीत के लिए खूब पसीना बहाया मगर अधिकारियों ने इस ओर ध्यान तक नहीं दिया कि उनको चोट लग सकती है। 400 और 800 मीटर दौड़ में भाग लेने वाली छात्राएं ट्रैक ठीक नहीं होने की वजह से गिर भी गईं।
ट्रैक के पास बड़ी-बड़ी अंग्रेजी घास उगी हुई है। परिसर के अंदर शौचालय खस्ताहाल हैं। इधर, ताइक्वांडो खिलाड़ी किट के लिए भटकती हुई दिखाई दीं।
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खिलाड़ियों के लिए हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। राजीव गांधी खेल परिसर के मुख्य मैदान में शनिवार सुबह बाहरी खिलाड़ी अभ्यास कर रहे थे जिसकी वजह से छोटे कोर्ट में खेल करवाए गए। मुख्य एथलेटिक मैदान में ही खेल करवाए जाने निर्धारित हैं। -संजय कुमार, सहायक शिक्षा अधिकारी, खेल।
ब्लॉकस्तरीय प्रतियोगिता में भी उबड़-खाबड़ मैदान पर दौड़ा पड़ा था। जिलास्तर पर भी जर्जर एथलेटिक मैदान में प्रतियोगिता हो रही है। मैदान के पास घास भी नहीं काटी गई है। -ज्योसना, खिलाड़ी।
राजीव गांधी खेल स्टेडियम में शौचालय की व्यवस्था पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया गया है। अभी तीन दिन और खिलाड़ियों के मुकाबले होने हैं। खस्ताहाल मैदान में कई खिलाड़ी गिर कर चोटिल भी हो गईं। -गरिमा, खिलाड़ी।
राजीव गांधी खेल स्टेडियम में चल रही शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय खेल कूद प्रतियोगिता- फोटो : shiv tripathi
राजीव गांधी खेल स्टेडियम में चल रही शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय खेल कूद प्रतियोगिता- फोटो : shiv tripathi
राजीव गांधी खेल स्टेडियम में चल रही शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय खेल कूद प्रतियोगिता- फोटो : shiv tripathi