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Rohtak News: बेरी के नागरिक अस्पताल में डॉक्टर पर महिला से दुर्व्यवहार का आरोप

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05jjrp08- बेरी सिविल अस्पताल में उपचाराधीन महिला। संवाद - फोटो : Samvad
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बेरी(झज्जर)। बेरी के नागरिक अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर पर इलाज करवाने आई महिला के साथ दुर्व्यवहार का आरोप है। महिला ने स्वास्थ्य मंत्री आरती राव व सिविल सर्जन झज्जर को लिखित में शिकायत देकर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बेरी निवासी महिला मीना ने बताया कि 4 मई को बेरी के नागरिक अस्पताल में इलाज करवाने के लिए गई थी। वहां मौजूद डॉक्टर ने उसे बताया कि आपका खून सिर्फ 5 ग्राम है। इस पर डॉक्टर ने ग्लूकोज व टीके लगाकर दोपहर बाद घर भेज दिया और कहा ग्लूकोज लगातार चढ़ेगा। रात 8 बजे आकर ग्लूकोज लगवा लेना।
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आरोप है कि रात 8 बजे जब वह अपने पति के साथ बेरी अस्पताल में पहुंची तो वहां मौजूद आरएमओ डॉ. अभिमन्यु ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया व कहने लगे तेरी ही देखभाल के लिए बैठे हैं क्या। यह कहते हुए हाथ में लगी कैनुला को निकाल कर फेंक दिया व बिना इलाज किए डिस्चार्ज का पर्चा बनाकर कहने लगा अपने घर भाग जाओ।
वहीं बेरी निवासी मीना के पति संजीव ने बताया कि पिछले करीब एक सप्ताह से अपनी पत्नी सुनीता का इलाज बेरी के नागरिक अस्पताल में करवा रहे हैं। 4 मई रात को डृयूटी पर आए आरएमओ डॉ. अभिमन्यु ने उनकी सास शीला व पत्नी के साथ दुर्व्यवहार किया और कहा कि तुम्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर पीजीआई में फेंक आऊंगा।
भाजपा के मंडल महामंत्री व मनोनीत पार्षद संदीप का कहना है कि सोमवार रात को जब वह अपनी भाभी मीना को उपचार के लिए बेरी के नागरिक अस्पताल लेकर आए तो वहां मौजूद डॉक्टर अभिमन्यु ने इलाज देने की बजाय दुर्व्यवहार किया। डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव व सिविल सर्जन को लिखित में शिकायत दी है।
उन्होंने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले गांव बाघपुर की बुजुर्ग महिला के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया था। बता दें कि इससे पहले 10 जून 2025 को बेरी निवासी एक महिला ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के खिलाफ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री व जिला चिकित्सा अधिकारी को शिकायत दी थी।
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वर्जन
इलाज के लिए आई महिला के लगाए आरोप निराधार हैं। सरकार की गाइडलाइन है कि एक बार अस्पताल में भर्ती होने के बाद बिना डिस्चार्ज के मरीज घर नहीं जा सकता। मरीज बिना डिस्चार्ज के घर गई थी। जब वह रात को ड्यूटी पर आए तो उनको बेड पर मरीज नहीं मिला। इस पर उन्होंने फाइल बंद कर दी थी। -डॉ. अभिमन्यु, आरएमओ, बेरी नागरिक अस्पताल
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