संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। चांदी के दामों में बढ़ोतरी से छोटे व्यापारी व मध्यम वर्ग के ग्राहकों को जहां भारी नुकसान होने का डर सता रहा है तो वहीं गरीब आदमी की पहुंच से यह बाहर हो रही है। ऐसे में व्यापारियों व ग्राहकों ने चांदी के दामों पर नियंत्रण की मांग उठाई है।
चांदी के दामों में पिछले सप्ताह से अप्रत्याशित उछाल देखा जा रहा। यह शुक्रवार को 2.36 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई है। इससे रोहतक के सराफा कारोबारियों में निराशा देखी जा रही है। एक सप्ताह में ही चांदी के भाव 40 हजार रुपये तक बढ़ गए हैं।
रोहतक ज्वेलर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान हेमंत बख्शी ने बताया कि चांदी के दामों में बड़ा उछाल होने से छोटे सराफा व्यापारियों के लिए संकट पैदा हो रहा है। पहले जहां आम गरीब आदमी भी उनके पास अपने बच्चों की शादी के लिए गहने बनवाने आते थे, वहीं अब दाम बहुत बढ़ने से यह गरीब आदमी की पहुंच से दूर हो रही है। ऐसे में ग्राहक कम होने लगे हैं।
कहा, सोने के दाम पहले ही आसमान छू रहे हैं, अब चांदी के दाम भी ऊंचाई पर हो चले हैं। ऐसे में ग्राहक और कारोबारी दोनों को नुकसान होगा। चांदी में तेजी से ऑर्डर कम होंगे जिससे काम मंदा होगा। इसका कारोबार पर असर होगा।
वहीं, सराफा कारोबारी अमित वर्मा का कहना है कि चांदी के भाव बढ़ने से छोटे दुकानदारों को मुश्किल होने लगी है जबकि आम आदमी की तो यह पहुंच से दूर होती जा रही है। हालांकि, अमीरों को कोई खास फर्क नहीं पड़ता है। मध्यम वर्ग व गरीब आदमी पर इसका सबसे अधिक असर होगा।
बाजार में खरीदारी करने आए थे। यहां चांदी का भाव पता चला तो निराशा हुई। चांदी हर किसी की जरूरत है। गरीब व्यक्ति अपने बच्चों की शादी में चांदी के ही गहने बनवाता है लेकिन अब वह भी पहुंच से बाहर होती जा रही है। इसके दामों पर सरकार का नियंत्रण होना चाहिए।
- अमित सिंघल, जनता कालोनी, ग्राहक
47...रोहतक के रेलवे रोड पर चांदी के आभूषण खरीदतीं महिलाएं। संवाद