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Rohtak News: डेढ़ साल पहले की रजिस्ट्री साबित हुई अहम, अब चार गुना मिलेगा किसानों को मुआवजा

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माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। भाली गांव के आठ किसानों को कलेक्टर रेट नहीं बल्कि मार्केट रेट के हिसाब से मुआवजा दिया जाए क्योंकि जब सरकार ने अधिग्रहण किया था, उससे डेढ़ साल पहले रोहतक-भिवानी रोड पर जमीन 98 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से बिकी थी।
पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने किसानों की अर्जी स्वीकार कर ली है। अब किसानों को सरकार 45 लाख की जगह करीब दो करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देगी। भाली गांव के किसान के ओमप्रकाश के वकील ने बताया कि सरकार ने रोहतक से वाया महम हांसी जाने वाली रेलवे लाइन के लिए 2013 में गांव की 140 कैनाल 19 मरले जमीन का अधिग्रहण किया गया था। 2016 में किसानों को ब्याज सहित करीब 45 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया गया।
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किसानों ने सेशन कोर्ट में अर्जी दायर की और सरकार से पौने दो करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा मांगा। सेशन कोर्ट में किसानों की अर्जी खारिज हो गई।
आठ किसानों ने मामले को लेकर हाईकोर्ट में अपील की। वकील ने बताया कि जस्टिस हरकेश मनुजा की अदालत में केस की सुनवाई हुई। अदालत को बताया गया कि 2013 से पहले रोहतक-भिवानी रोड पर भाली गांव की जमीन 98 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से बिकी थी।
ऐसे में उनको मार्केट रेट के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए। अदालत ने अर्जी को मंजूर करते हुए तय किया कि किसानों को प्रति एकड़ 20 लाख की जगह, 78 लाख 40 हजार रुपये, शत-प्रतिशत क्षति मुआवजा व ब्याज दिया जाए।
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पहले किसान को प्रति एकड़ राशि 45 लाख रुपये प्रति एकड़ बनती थी, जो अब करीब 2 करोड़ रुपये प्रति एकड़ बनेगी। किसान ओमप्रकाश का कहना है कि अदालत ने उनको उनका हक दिया है।
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