माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। रेडक्रॉस सोसाइटी चालक रवींद्र को एक साल का वेतन नौ प्रतिशत ब्याज समेत दे। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी यादव की अदालत ने दिया है। चालक ने वेतन नहीं मिलने पर सोसाइटी के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की थी।
अदालत में दर्ज अभियोग के मुताबिक, रवींद्र ने पेमेंट एंड वेजेस एक्ट रोहतक की अथॉरिटी के समक्ष दावा किया कि वह 1993 में इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी रोहतक के मानसिक विकलांग स्कूल में डीसी दर पर ड्राइवर-कम-चौकीदार के रूप में नियुक्त हुए थे। बाद में उन्हें चालक पद से हटा दिया गया। इसके चलते दस फरवरी 2021 को श्रम निरीक्षक के समक्ष आवेदन दिया।
इसके बाद 24 मार्च 2022 के आदेश के अनुसार उन्हें सेवा में लिया गया। अप्रैल 2022 से नौ हजार रुपये प्रति माह की दर से वेतन दिया गया। उनका एक जनवरी 2022 से 31 मार्च 2022 तक वेतन का भुगतान शेष रहा। इसके लिए उन्होंने अदालत में गुहार लगाई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद रेडक्रॉस सोसाइटी को चालक का एक वर्ष का वेतन देने का आदेश दिया। यह राशि नौ प्रतिशत ब्याज के साथ दी जानी है।