6-वीरमती देवी के साथ उनके पति अत्तर सिंह। स्रोत : परिवार
रोहतक। मन में जब खेलने का जज्बा हो तो उम्र का बंधन भी आड़े नहीं आता। 65 की उम्र में भी जिले के मोखरा गांव की वीरमती देवी पदकों की झड़ी लगा रही हैं। खेड़ी साध के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्ष 58 साल की उम्र में उन्होंने खेलों में अपना कदम रखा। वह अब तक वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न दौड़ स्पर्धाओं में अपनी उम्र से ज्यादा 81 पदक जीत चुकी हैं।
वीरमती देवी ने वर्ष 2019 में खेलना शुरू किया था। सीमित संसाधनों और बढ़ती उम्र के बावजूद उन्होंने नियमित अभ्यास और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर महज सात साल में ही उन्होंने 1500 मीटर, 400 मीटर व 400 मीटर रिले रेस में पदकों की झड़ी लगा चुकी हैं। संवाद
खिलाड़ियों को भी दे रहीं प्रशिक्षण, 250 खिलाड़ी किए तैयार
वीरमती देवी और उनके पति अत्तर सिंह केवल खुद तक सीमित नहीं हैं बल्कि रोजाना तीन से चार घंटे अन्य खिलाड़ियों को भी प्रशिक्षण दे रहे हैं। अब तक वे 250 से ज्यादा खिलाड़ियों को तैयार कर चुके हैं और उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित किया है। उनका कहना है कि अगर सही मार्गदर्शन मिले तो हर उम्र का व्यक्ति खेलों में आगे बढ़ सकता है।
पति अत्तर सिंह भी 70 की उम्र में सक्रिय, 120 से ज्यादा पदक जीते
वीरमती देवी के इस सफर में पति अत्तर सिंह भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ दे रही हैं। अत्तर सिंह ने 2012 से वेटरन खेलों में हिस्सा लेना शुरू किया था और अब तक पहलवानी में 120 से अधिक पदक जीत चुके हैं। दोनों की देश की पहली साउथ एशियन चैंपियनशिप जोड़ी भी बन चुकी है जो उनके जुनून और समर्पण की मिसाल है।