44...मंडी में अपनी समस्या बताते किसान। संवाद
रोहतक। मंडी में पीआर धान घटने के साथ ही अन्य धान की आवक बढ़ गई है। इनकी खरीद आढ़ती कर रहे हैं मगर इनको भी बेचने में किसानों को पीआर धान बेचने की तरह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि कम दाम में धान खरीदा जा रहा है।
मंडी के ही एक आढ़ती से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि ग्यारह या इक्कीस किस्म के धान की खरीद एक्सपोर्टरों की मिल या एजेंसी की तरफ से की जाती है। आढ़ती इसमें बिचौलिए की भूमिका निभाते हैं। निजी मिल खरीदार या एजेंट की तरफ से ही धान को देखकर रेट तय किया जाता है। इसके लिए बारदाना की जिम्मेदारी भी धान खरीद वाली मिल या एजेंसी की है।
अब पीआर धान की आवक नहीं हो रही है। अब तक मंडी में 1,39,622 क्विंटल धान की आवक हुई है। इनमें से 1,38,694 क्विंटल खरीदा जा चुका है। 928 क्विंटल धान की खरीद बाकी है। मंडी से कुल 1,01,983 क्विंटल धान का उठान हो चुका है।
धान का सही दाम नहीं मिल रहा है। ग्यारह, इक्कीस धान का मूल्य चार हजार के स्थान पर 3700 लगाया जा रहा है। पहले यह चार हजार में बिका है। अब मनमाना रेट लगाया जा रहा है।
-ओमप्रकाश, ब्राह्मणवास।
धान को कम दाम पर खरीदकर पर्ची लगाकर छोड़ा जा रहा है। इसके बाद उसका उठान भी नहीं किया जा रहा है। एक किस्म के धान को भी मनमाने रेट में खरीदा जा रहा है।
-जयपाल, मकड़ौली।
44...मंडी में अपनी समस्या बताते किसान। संवाद