- अभी तक देशभर में 100 से अधिक स्थानों पर हो चुका मंचन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। दादा लख्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (सुपवा) के अभिनय विभाग के प्रो. विभांशु वैभव का लिखा नाटक ''बाबूजी'' 25वें भारत रंग महोत्सव (भारंगम) में छाया हुआ है। नाटक का मंचन नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के रंगमंडल के कलाकार कर रहे हैं।
भारंगम का देशव्यापी आयोजन संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार व नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा कर रहे हैं। प्रो. एवं नाटककार विभांशु वैभव ने बताया कि बाबूजी का मंचन 31 जनवरी को बंगलूरू स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में हो चुका है जबकि फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पुणे में छह फरवरी को मंचन होगा।
इसके बाद पीएल देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी मुंबई में 10 फरवरी को व अंडमान में 15 फरवरी को मंचन होगा। करीब दो घंटे की अवधि वाले नाटक का मंचन अभी तक देशभर में 100 से अधिक अलग-अलग स्थानों पर हो चुका है।
लोक कलाकार के जीवन पर आधारित है बाबूजी
यह नाटक एक लोक कलाकार के जीवन पर आधारित है जो घर-परिवार की जिम्मेदारियों से निवृत्त होकर कला की साधना करना चाहता है। यह जिन रिश्तों को उसने स्वेच्छा से अपनाया था, वही उसके पैरों की जंजीर बन जाते हैं। कुलपति डॉ. अमित आर्य ने बताया कि बाबूजी एक लोक कलाकार के जीवन की व्यथा, समाज के पाखंड और कला के प्रति समर्पण को दर्शाता है। कला के मापदंड, नौटंकी व तबले की गूंज में पारिवारिक विघटन की कहानी समायोजित है।
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भारंगम व सारंग का आयोजन नौ को, तैयारियां तेज
रोहतक। सुपवा में भारत रंग महोत्सव के 25वें संस्करण और यूनिवर्सिटी के अपने महोत्सव सारंग की तैयारियां शुरू हो गई हैं। दोनों ही महोत्सव नौ फरवरी से शुरू होंगे जिनकी सफलता के लिए अलग-अलग कमेटियों का गठन किया गया हैं। अलग-अलग मंच पर चलने वाले इन महोत्सव को यादगार बनाने के लिए छात्र, छात्राओं व स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है।
कुलपति डॉ. अमित आर्य ने बताया कि सारंग के लिए एफटीवी डिपार्टमेंट के कोर्टयार्ड में मंच तैयार किया जा रहा है। इस मंच पर नौ फरवरी से सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक प्रस्तुतियां चलेंगी।
इनमें सुपवा के छात्रों के अलावा अन्य प्रदेशों की लोक कला एवं संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। भारंगम का आयोजन एफटीवी डिपार्टमेंट के मिनी ऑडिटोरियम में होगा जहां शाम 6 बजे से थिएटर का लुत्फ उठाया जा सकेगा। संवाद