17-रोहतक रेलवे स्टेशन पर बंद पड़ी पीबीसी मशीन। संवाद
रोहतक। रेलवे स्टेशन को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए लगाई गई प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग (पीबीसी) मशीनें पिछले चार माह से बंद पड़ी हैं। रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर में प्लास्टिक कचरे के प्रभावी निपटान और रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 20 पीबीसी मशीनें लगाई थीं।
इन मशीनों में इस्तेमाल की गई प्लास्टिक बोतल डालने पर रिसाइक्लिंग की सुविधा के साथ कुछ स्थानों पर प्रोत्साहन या इनाम का भी प्रावधान रखा गया था। स्थापना के बाद से ही मशीनें चालू नहीं हो सकीं।
मशीनों के लंबे समय से बंद रहने के कारण उनकी स्थिति भी खराब होती जा रही है। प्लेटफॉर्म संख्या एक, दो और तीन पर रखी गई कई मशीनें क्षतिग्रस्त अवस्था में दिखाई दे रही हैं।
स्थानीय निवासी राजबीर सिवाच ने बताया कि स्टेशन पर कचरा निपटान व्यवस्था पहले से ही कमजोर है। पीबीसी मशीनें चालू होतीं तो प्लास्टिक बोतलों के निपटान में सुविधा होती। महीनों से बंद पड़ी मशीनों के कारण अभियान का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन को मशीनों को जल्द चालू करने की मांग की है।