माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। पीजीआई निदेशक समेत छह शीर्ष अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर एक दिन पहले नौकरी से इस्तीफा देने वाला डाटा एंट्री ऑपरेटर राजेश मंगलवार को बैकफुट पर आते हुए ड्यूटी करने पहुंच गया। निदेशक के मुताबिक, तबादले से परेशान होकर उसने त्यागपत्र दिया था। अब सब ठीक है।
सोनीपत के गढ़ी सिसाना निवासी डाटा एंट्री ऑपरेटर राजेश ने मंगलवार को इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ में कार्यभार ग्रहण कर लिया। वह परचेज विभाग से तबादला होने से नाराज था। कई दिन कार्यालय भी नहीं आया था।
उसने निदेशक, स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति समेत छह अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। सोशल मीडिया में वायरल हुए इस्तीफे में उसने लिखा था कि अधिकारियों के भ्रष्टाचार के कारण उसकी आत्मा गंवारा नहीं करती कि वह नौकरी करे।
अफसरों ने मानसिक रूप से परेशान बताकर राजेश को नई जगह ज्वाइन करा दिया, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों पर चुप्पी साध ली। इसकी कोई जांच भी नहीं हो रही।
डाटा एंट्री ऑपरेटर तबादले से परेशान था। इसी कारण उसने इस्तीफा दे दिया था। अब वह ड्यूटी पर लौट आया है। उसे कोई शिकायत भी नहीं है। - डॉ. एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआई।