किसान बाहुल होने के कारण इस क्षेत्र में पशुओं की संख्या भी अधिक है, लेकिन सुविधाओं के अभाव के चलते क्षेत्र पिछड़ेपन का दंश झेल रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए कस्बे के निकटवर्ती गांव बिहाली में पशु औषधालय का निर्माण किया गया था, जो लगभग तीन दशक पहले हुआ था, लेकिन आज यह भवन निर्माण होने के बाद से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। तीन साल पहले 34 लाख रुपये की लागत से लगभग एक एकड़ में नया भवन बनाया गया जो अब तक उद्घाटन के इंतजार में है।
गांव बिहाली में एक गोशाला भी स्थापित है, इसमें 1365 गोवंश का पालन पोषण हो रहा है, लेकिन पशुओं को स्वास्थ्य सेवा देने के लिए पशु चिकित्सालय के चिकित्सकों की तो कोई कमी नजर नहीं आ रही है, बल्कि चिकित्सक एक खंडहर व जर्जर हो चुके भवन में बैठ कर सेवा देने को मजबूर हैं। ऐसा भी नहीं है कि यहां पर नए भवन की व्यवस्था नहीं है, परंतु वह भवन अपने उद्घाटन की बाट जोह रहा है।
तत्कालीन विकास एवं पंचायत मंत्री राव बंसी सिंह ने 1992 में पशु औषधालय का शिलान्यास किया था, जो तीन साल में बनकर तैयार हो गया था। इसके बाद 18 मार्च 1995 को इस गांव के पशुपालकों के पशुधन को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध होने लगी थी। बताया जाता है कि लंबे समय के बाद पशु औषधालय का भवन खंडहर में तब्दील हो गया और उसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नवनिर्मित भवन का निर्माण कार्य आरंभ किया।
नवनिर्मित भवन में एक स्टोर रूम, एक लैब रूम, एक कार्यालय तथा पशुओं को उतारने व चढ़ाने के लिए रैंप की सुविधाएं की गई हैं। यह भवन जनसुविधाओं के साथ साथ बिजली तथा पानी की व्यवस्था से पूर्ण रूप से तैयार है, लेकिन उद्घाटन का इंतजार कर रहा है। भवन का उद्घाटन नहीं होने के कारण यहां उपस्थित पशु औषधालय के कर्मचारी पुराने जर्जर भवन में ही बैठकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। गांव के सामाजिक व जागरूक नागरिकों ने प्रशासन व सरकार से मांग कि है कि समय रहते नवनिर्मित पशु औषधालय के भवन का उद्घाटन कर विभाग के कर्मचारियों को समर्पित करें, ताकि वह पूर्ण रूप से अपनी सेवाएं प्रदान कर सकें।
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नवनिर्मित भवन का निर्माण हो चुका है, लेकिन उद्घाटन नहीं होने के कारण पुराने भवन में ही बैठकर अपनी सेवाएं प्रदान करने को मजबूर हैं। इस समस्या को गत दिनों श्री कृष्ण बाल गोपाल गोशाला बिहाली में विधायक सीताराम यादव के समक्ष भी रखा गया था। उस समय उन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द ही नवनिर्मित भवन का उद्घाटन कर विभाग के कर्मचारियों को समर्पित कर दिया जाएगा।
डॉ. डीएस यादव, पशु चिकित्सालय, कांटी।