माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। गैंगस्टर बाबा के चाचा अनिल की हत्या की साजिश दो हफ्ते पहले रची गई थी। वारदात के बाद आरोपी दिल्ली भागे और फिर नोएडा व फरीदाबाद में रुके थे। हालांकि, इनका पीछा कर रही पुलिस 48 घंटे बाद भी उन्हें पकड़ नहीं सकी है। गिरफ्तारी का वादा पूरा न होने से खफा परिजन बुधवार को एसपी से मिलेंगे।
रिटौली गांव के बजरंग की हत्या के आरोप में जमानत पर छूटकर आए अनिल की रविवार सुबह गांव के बाहर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर की गई हत्या की गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं पाई है। पुलिस इस घटना के पीछे गांव के ही दो गैंगस्टर के बीच छिड़ी गैंगवार को मान रही है।
बेखौफ बदमाशों ने गांव के ही गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ के नाम वाले सोशल मीडिया अकाउंट से हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए बजरंग के बाकी बचे हत्यारोपियों को भी मार देने की धमकी दी है। पुलिस अधिकारी इन्हें जल्द पकड़ने का दावा करते रह गए, लेकिन पकड़ा एक भी न जा सका।
हालांकि, परिजन इन्हें पकड़ने नहीं, एनकाउंटर में ढेर करने की मांग कर रहे हैं। शव उठाने के दौरान भी उन्होंने यही मांग रखी थी। पुलिस ने 48 घंटे के अंदर हत्यारोपियों को पकड़ने का वादा किया तो परिजन मान गए। यह मियाद बीतने के बाद परिजन गुस्से में हैं। वह बुधवार को एसपी से मिलेंगे।
पुलिस की अभी तक की तफ्तीश बताती है कि अनिल की हत्या की साजिश दो हफ्ते पहले रची गई थी। सूत्रों के मुताबिक, हत्या करने वाले हरियाणा के ही शूटर हैं। दो आरोपी रोहतक के ही हैं, जिन्होंने रेकी कराई और हत्या में सहयोग किया। इन्हें हथियार भी अलग-अलग तरह के दिए गए थे।
जिस्म में धंसी मिलीं आठ गोलियों से भी इसकी पुष्टि हुई है कि कई तरह के ऑटोमेटिक हथियारों से हत्या की गई थी। वहीं, भाई सुनील का दावा है कि बजरंग की हत्या से अनिल का कोई लेना-देना नहीं था। बजरंग के हत्यारोपी उनकी बाइक मांगकर ले गए थे।
अनिल को इसका अंदेशा न था, वर्ना वह उन्हें कभी अपनी बाइक न देता। संदेह में उसके खिलाफ हत्या का पहले मुकदमा लिखाया और जेल से छूटा तो फिर मार ही दिया।
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