रोहतक। सोनीपत रोड के नजदीक प्रॉपर्टी डीलर कार्यालय में हुई सामूहिक दुष्कर्म व जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने शनिवार को बोहर गांव में दबिश दी, लेकिन आरोपी मोनू हाथ नहीं आ सका। उधर, अदालत से जज पीजीआई पहुंचे और पीड़िता के सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज किए।
अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेश का कहना है कि आरोपी मोनू ही बता पाएगा कि उसके साथ और कौन-कौन आरोपी थे। साथ ही गोली किस युवक ने मारी है। उधर, जनवादी महिला समिति का एक प्रतिनिधिमंडल पीजीआई में पीड़िता से मिला और पुलिस प्रशासन से मांग की कि जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
शुक्रवार तड़के चार बजे एक 23 वर्षीय महिला को पीजीआई में दाखिल कराया गया था, जिसके पैर में गोली लगी थी। महिला ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया था कि वह रोहतक में किराये पर रहती है। मोनू नाम का युवक उसे अपने कार्यालय में नौकरी का झांसा देकर ले गया। वहां पर चार-पांच युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर एक युवक ने उसके पैर में गोली मार दी। इसके बाद एक आरोपी उसे कार में बैठाकर खेड़ी साध के पास निजी अस्पताल के बाहर छोड़कर फरार हो गया। महिला ने अपनी परिचित महिला को फोन पर सूचित किया। वह उसे लेकर पीजीआई पहुंची। अर्बन एस्टेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म व जानलेवा हमला करने का केस दर्ज किया था।
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पुलिस को आरोपी को मोबाइल नंबर भी दिया, लेकिन गिरफ्तार न होना चिंता का विषय
जनवादी महिला समिति की जिला अध्यक्ष मनीषा का कहना है कि सुबह सूचना पाकर संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल पीजीआई पहुंचा और पीड़िता से मुलाकात की। पीड़िता ने बताया कि कैसे उसे नौकरी का झांसा देकर बुलाया गया। इसके बाद दुष्कर्म का विरोध करने पर गोली मार दी। पीड़िता आरोपी युवक मोनू का मोबाइल नंबर पुलिस को दे चुकी है, लेकिन अभी तक आरोपी का गिरफ्तार न होना चिंता का विषय है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. जगमति सांगवान, जिला अध्यक्ष मनीषा, किसान सभा के नेता प्रीत सिंह ने मांग की कि जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।