12...मानसरोवर पार्क स्थित जलघर एक में आधा खाली पड़ा तालाब। संवाद
- फोटो : जीत के बाद रोहतक रनर्स ग्रुप की बिमला बनवाला अपने अन्य साथियों के साथ। संवाद
रोहतक। जेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) नहर में 16 दिन बाद शुक्रवार को जलापूर्ति बंद होने के बाद शहरवासियों को जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, 27 दिसंबर
को 60 दिन के लिए बीएसबी (भालौठ सब ब्रांच) नहर में जलापूर्ति शुरू होगी लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग के लिए अगले आठ दिन तक जलघरों को भरना मुश्किल हो सकता है और 16 दिन के लिए शहर में पेयजल सप्लाई भी करनी है।
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शहर में चार जलघर हैं। इनमें 16 दिन जेएलएन नहर से पेयजल उपलब्ध हुआ है। जेएलएन नहर में 16 दिन की सप्लाई के बाद 24 दिन की नहरबंदी होनी है। बीएसबी फीडर के कार्यकारी अभियंता अरुण मुंजाल ने बताया कि शेड्यूल के अनुसार 26 दिसंबर को जेएलएन नहर की बंदी होगी।
इसके बाद बीएसबी नहर में आठ दिन सप्लाई होगी। 27 को नहर में पानी छोड़ जाएगा। मानसरोवर पार्क स्थित प्रथम जलघर में अभी 55 प्रतिशत से अधिक ही टैंक भर पाए हैं। विभाग के मानकों अनुसार, जलघर के तालाबों की इतनी स्टोरेज है कि आठ दिन तक ही सप्लाई दी जा सकती है। विभाग को अब इन आठ दिनों में तालाबों को भरना है ताकि अगले 16 दिन जलापूर्ति की जा सके।
दावा...पर्याप्त मात्रा में जलघरों में पानी
जन स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता मयंक भारद्वाज का दावा है कि चारों जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है। आठ दिनों के लिए बीएसबी नहर में भी जलापूर्ति होनी है। इसके बाद जैसी भी स्थिति रहेगी, उसी के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल, झज्जर रोड जलघर दो में 90 प्रतिशत, बोहर स्थित जेएलएन नहर के पास जलघर तीन में 80 प्रतिशत पानी उपलब्ध है।
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11 दिसंबर को नहर में पानी छोड़ा गया था। 16 दिन जलापूर्ति के बाद 26 दिसंबर को नहर में पानी बंद हो जाएगा। नहरबंदी के बाद 24 दिन नहर में पानी आएगा।
- सतीश कुमार, अधीक्षण अभियंता, जेएलएन नहर, सिंचाई विभाग