संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जजपा ने एमडीयू की नैक ग्रेडिंग मामले को उठाया। इसके बाद केंद्र व राज्य सरकार बैकफुट पर हैं। यह खुशी की बात है। हमने इस मामले को उठाया और विद्यार्थियों को इसका लाभ मिला। यह कहना है पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का। शनिवार अपने एक्स एकाउंट पर पोस्ट शेयर की।
दुष्यंत ने कहा कि एमडीयू के करीब 1.50 लाख विद्यार्थियों के हित का मुद्दा प्रभावी ढंग से रखा था। यह प्रदेश के युवाओं से जुड़ा है लेकिन इस मामले में हुए एक्शन का लाभ देशभर के करोड़ों विद्यार्थियों को होगा।
दूसरी ओर, इस मामले में एमडीयू प्रशासन की भूमिका बेहद निराशाजनक रही। मार्च 2024 से लाखों विद्यार्थियों को ए-प्लस ग्रेड का हवाला देकर गुमराह किया जाता रहा जबकि नैक ने समय पर ग्रेडिंग आवेदन न करने पर पहले ही चेतावनी दे दी थी।
आवश्यक कदम न उठाकर एमडीयू प्रशासन ने विद्यार्थियों के भविष्य को गंभीर संकट में डाल दिया। सौभाग्य से हमारी छात्र इकाई ने समय रहते आवाज उठाई। ऐसा नहीं होता तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था। जजपा हमेशा की तरह विद्यार्थियों के हित में मजबूती से खड़ी है और खड़ी रहेगी।
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एमडीयू के पास नैक ग्रेड थी, है और रहेगी : कुलसचिव
रोहतक। एमडीयू को वर्ष 2019 में नैक (नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल) से ए प्लस ग्रेड प्राप्त हुई थी। इसकी वैधता पांच वर्ष के लिए थी। इस अवधि की समाप्ति से पहले नैक ने देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया। विवि के पास नैक की मान्यता थी, है और रहेगी। यह कहना है एमडीयू के कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता का। वह शनिवार को कुलपति कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
कुलसचिव ने कहा कि नैक ने 27 जनवरी 2024 व 5 दिसंबर 2025 की अपनी सार्वजनिक अधिसूचनाओं में स्पष्ट किया कि वह डॉ. राधाकृष्णन समिति की सिफारिश के अनुसार बेसिक (बाइनरी) एक्रिडिटेशन व इसके बाद एमबीजीएल (मैच्योरिटी-बेस्ड ग्रेडेड लेवल्स) व्यवस्था की ओर अग्रसर है।
जिन संस्थानों की मान्यता रिवाइज्ड एक्रिडिटेशन फ्रेमवर्क (आरएएफ) के तहत थी, जिनकी वैधता 27 जनवरी 2024 से लेकर एमबीजीएल लागू होने की तिथि के बीच समाप्त होनी थी, उनकी मान्यता नई व्यवस्था लागू होने के बाद अधिकतम तीन माह तक स्वतः बढ़ी मानी जाएगी। ये संस्थाएं नई व्यवस्था के तहत पुनः मान्यता के लिए आवेदन कर सकेंगी। विवि प्रशासन का नैक के साथ लगातार पत्राचार जारी है। संवाद