संवाद न्यूज एजेंसी
कलानौर। क्षेत्र में खेतों में लंबे समय से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। इसे लेकर सिंचाई विभाग के जेई नवीन शुक्रवार को कलानौर व जिंदरान के खेतों का जायजा लिया। यहां किसानों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं।
जलभराव के कारण सैकड़ों एकड़ भूमि जलमग्न होने से किसान तीन फसलों की बुआई नहीं कर पाए हैं। इससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
पार्षद अमित कलसन, पार्षद हरप्रीत सिंह जुनेजा व किसानों ने कहा कि समस्या के समाधान में सबसे बड़ी बाधा कुछ किसानों का असहयोग है। ये अपने खेतों से जलनिकासी के लिए रास्ता देने को तैयार नहीं हैं। इससे पहले भी प्रशासन की ओर से टीम गठित की गई थी। पाइप लाइन बिछाने की योजना बनाई गई। सहयोग के अभाव में यह कार्य अधूरा रह गया।
पूर्व वाइस चेयरमैन विष्णु, अमित मधुर, रजनीश राठी, संजय व किसानों ने सिंचाई विभाग से मांग की है जो किसान जलनिकासी में सहयोग नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर समाधान निकाला जाए। इससे क्षेत्र के बाकी किसानों को राहत मिल सकेगी। किसानों ने बिजली निगम से पुराने बिजली कनेक्शन दोबारा बहाल करने की मांग की। इसके तार चोरी होने के बाद से पंपसेट नहीं चल पा रहे हैं।
सिंचाई विभाग के जेई नवीन ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि विभाग के पास पाइप, पंपसेट समेत सभी संसाधन उपलब्ध हैं। आपसी सहयोग के बिना समाधान असंभव है।
इससे पहले ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में कलानौर तहसीलदार को भी नियुक्त किया गया था। इसके बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। किसानों की समस्या को संबंधित विभागों के अधिकारियों व उपायुक्त के समक्ष रखा जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर ठोस निर्णय लेकर जल्द जलभराव से निजात दिलाने का प्रयास किया जाएगा। यहां डीएसपी शिवनारायण भी मौजूद रहे।