रोहतक। पंडित भगवत दयाल स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएस) में नकल के खेल की जांच अभी लंबी चलेगी। विद्यार्थी की शिकायत के अनुसार विवि की परीक्षा शाखा के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी। इसके लिए विवि के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।
पहली कमेटी की जांच रिपोर्ट में एक ही निजी कॉलेज के 24 विद्यार्थी नकल के खेल में सामने आने से बड़ी गड़बड़ी का संकेत मिला है। ऐसे में पुराने रिकॉर्ड की सही ढंग से जांच हुई तो अब तक बच रहे बड़े अधिकारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
यूएचएस में नकल का खेल सामने आने के बाद हुई जांच रिपोर्ट चौंकाने वाली है। रिपोर्ट में एक ही निजी कॉलेज के 24 विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं में पास करने के लिए छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है। इससे और विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं भी संदेह के घेरे में आ गई हैं। इसके चलते निजी व सरकारी मेडिकल कॉलेजों के विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं जांचना भी अनिवार्य हो गया है। इस संबंध में शिकायतकर्ता ने कहा भी है। ऐसे में विवि प्रशासन ने अपने पुरानेे रिकॉर्ड की जांच को लेकर टीम गठित की है। पीजीआईएमएस के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. कुंदन मित्तल को इसका प्रभारी बनाया गया है। टीम में परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुखदेव सिंह चांदला व पीडियोडोंटिक्स विभाग के प्रोफेसर डॉ. अरुण कुमार को शामिल किया गया हैं। कमेटी की जांच निष्पक्ष व सही दिशा में चली तो अब तक जांच के दायरे से बाहर चल रहे अधिकारी भी नकल के खेल में फंस सकते हैं। अब तक विवि प्रशासन ने भी अनुबंधित कर्मचारियों के अलावा विवि के उप अधीक्षक पद तक के कुछ कर्मचारियों को ही बाहर का रास्ता दिखाया है।
यह है मामला
यूएचएस में नकल के खेल मामले की एक विद्यार्थी ने शिकायत की थी। विजिलेंस के साथ यूएचएस को भी दस्तावेजों व वीडियो के साथ शिकायत दी गई थी। इसमें परीक्षा शाखा से उत्तर पुस्तिकाएं निकालकर बाहर ले जाने व लिखे हुए उत्तर साफ कर दोबारा लिखकर एमबीबीएस के फेल विद्यार्थियों को पास कराने की बात कही गई थी। इसके लिए औसतन पांच लाख रुपये प्रति विद्यार्थी प्रति पेपर वसूलने का भी आरोप लगाया गया था। इस मामले में एक माह पूर्व विवि प्रशासन ने जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी की रिपोर्ट आने पर विवि प्रशासन ने कार्रवाई की है।
वर्जन
यूएचएस में सामने आए नकल के खेल मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। विवि में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। इस मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
- डॉ. एचके अग्रवाल, कुलपति, स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय