रोहतक। जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बालंद के किसान रघुबीर सिंह को नौ फीसदी ब्याज सहित 84,480 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने 5000 रुपये जुर्माना भी लगाया और इतनी ही राशि कानूनी खर्च के बतौर देने का आदेश दिया।
आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक, रघुबीर सिंह (75) ने ग्रामीण बैंक से लोन ले रखा था। बैंक ने 2019 में रबी की फसल के इंश्योरेंस प्रीमियम के बतौर 756 रुपये और खरीफ के लिए 1244.90 रुपये काट लिए। इस बीच, धान व गेहूं की फसल में खाद, कीटनाशक व सिंचाई में करीब 1.80 लाख रुपये खर्च हुए।
इस बीच बारिश और ओलावृष्टि से फसलें नष्ट हो गईं। फसल का मुआवजा खारिज हो गया। रघुबीर सिंह ने 2021 में बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस को कानूनी नोटिस भेजा। कंपनी ने बताया, नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस पोर्टल पर ब्योरा नहीं भेजने के कारण उनकी फसलों का बीमा नहीं हो सका।
बीमा कंपनी के इस फैसले के खिलाफ रघुबीर सिंह ने 2021 में ही आयोग की शरण ली। आयोग ने ग्रामीण बैंक, कृषि विभाग और बीमा कंपनी को नोटिस भेजा। कृषि विभाग ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि बैंक के माध्यम से कंपनियां फसल बीमा करती हैं। इसमें विभाग की कोई भूमिका नहीं है।
बीमा कंपनी ने तर्क दिया कि पोर्टल पर रिकॉर्ड दर्ज न कराने से फसलों का बीमा नहीं हुआ। कंपनी ने प्रीमियम राशि बैंक को लौटा देने का दावा भी किया। लेकिन, बैंक ने इनकी पोल खोल दी। ब्यूरो