रोहतक। एएएसजे रजनी यादव की अध्यक्षता में गठित ट्रिब्यूनल ने सोमवार को निर्णय सुनाया है कि पांच साल पहले हुई काहनौर निवासी मिस्त्री लालचंद की मौत पर बीमा कंपनी 9,44,540 की राशि मृतक के परिवार को दे। इसमें 40 प्रतिशत राशि पत्नी और 60 फीसदी बच्चों को मिलेगी।
काहनौर निवासी जीतो बाई ने बेटे प्रदीप सिंह, संजीत, बेटी कमलेश व कविता के साथ मिलकर संयुक्त तौर पर 2021 में अर्जी दायर की थी कि उनके पति लालचंद (58) ट्यूबवेल की बोरिंग करते थे। जुलाई 2021 में गढ़ी गांव गए थे।
वापस आते समय जब बाइक पर पटवापुर से बनियानी लौट रहे थे, तभी सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्राॅली ने बाइक को टक्कर मार दी थी। इसमें घायल हरीश व लालचंद को पीजीआई में दाखिल कराया गया थ जहां लालचंद की मौत हो गई थी।
घायल हरीश के बयान पर चालक जींद के गांव बरार खेड़ा निवासी राजेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। याचिकाकर्ता ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत ट्रिब्यूनल में अर्जी दी और आरोपी चालक राजेश, ट्रैक्टर मालिक पटवापुर निवासी सुधीर व बीमा कंपनी आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी को पार्टी बनाया गया था।
9 प्रतिशत ब्याज सहित देनी होगी राशि
तर्क दिया कि लालचंद हर माह ट्यूबवेल बोरिंग और डेयरी फार्मिंग से 40,000 रुपये कमाते थे। परिवार के पास अन्य आय का साधन नहीं है। ऐसे में परिवार को मुआवजा दिया जाए। ट्रिब्यूनल के नोटिस पर दूसरे पक्ष ने जवाब दिया कि बीमा पॉलिसी के नियमों और शर्तों का उल्लंघन हुआ है। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सोमवार को ट्रिब्यूनल ने निर्णय दिया है कि याचिकाकर्ताओं को 9 प्रतिशत ब्याज सहित 9,44,540 रुपये मुआवजा दिया जाए। इसमें लालचंद की पत्नी जीतो बाई को 60 प्रतिशत, बेटे प्रदीप व संजीत को 20-20 प्रतिशत व बेटी कमलेश व कविता को 10-10 प्रतिशत राशि दी जाए।