रोहतक। पीजीआई के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण मल्होत्रा केवल अस्पताल के भीतर ही नहीं बल्कि समाज में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक निशुल्क सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के मिशन में जुटे हैं।
विभाग की जिम्मेदारी व काला पीलिया क्लीनिक संभालने के साथ जरूरतमंद मरीजों के लिए सहारा भी बन रहे हैं। 18 वर्षों में 1000 से अधिक जरूरतमंद लोगों की इस तरह मदद कर चुके हैं।
डॉ. मल्होत्रा रोजाना करीब 80 मरीजों की काला पीलिया क्लीनिक में जांच करते हैं। जिस दिन उनकी ओपीडी होती है, उस दिन ओपीडी खत्म होने के बाद काला पीलिया के मरीजों को समय देते हैं। उनका उद्देश्य अलग माध्यमों से लोगों को स्वस्थ शरीर व मानवता के प्रति जागरूक करना है।
इसके साथ निशुल्क इलाज का लाभ दिलवाना है। संस्थाओं के सहयोग व स्वयं भी जगह-जगह जाकर बच्चों को नशे के प्रति जागरूक कर शपथ दिलवाते हैं।
सामाजिक संस्थाओं के साथ अनूठी पहल
डॉ. मल्होत्रा कई एनजीओ और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। एनजीओ के साथ मिलकर नाई (बार्बर) व ब्यूटी पार्लर की ट्रेनिंग लेने वाले लोगों के लिए कार्यक्रम चला रहे हैं। लिव फिस्ट स्कीम के तहत उनकी टीमें विभिन्न एनजीओ के पास जाकर जागरूकता फैलाती हैं। वहां काला पीलिया की जांच और जागरूकता कैंप लगाए जाते हैं ताकि संस्थाएं आगे अन्य लोगों को भी जागरूक कर सकें।
मरीजों को गोद लेकर कराते मुफ्त इलाज
जरूरतमंद लोग जो किसी कारण अपना इलाज नहीं करा पाते, डॉ. मल्होत्रा उन्हें मुफ्त इलाज भरोसा देकर गोद लेते हैं। किसी अन्य विभाग में इलाज लेना हो या किसी बड़े ऑपरेशन की जरूरत में सहयोग करते हैं।
-
मां की प्रेरणा से मिला संयम व सेवा की प्रेरणा
डॉ. प्रवीण मल्होत्रा को समाज सेवा की सीख अपनी मां सुमन मल्होत्रा से मिली। उनकी मां कहती थीं कि आप किसी की मदद करके बड़े नहीं बनते बल्कि परमात्मा आपको दूसरों की सेवा के लिए महज एक जरिया बना रहा है। इसको अपनाकर संयम के साथ लगातार समाज हित कार्यों में जुटे हुए हैं।