संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जंक फूड के सेवन से युवाओं और बच्चों की सेहत बिगड़ रही है। जंक फूड खाने से पेट से संबंधित बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों में 40 से 50 मरीज पेट की बीमारी से पीड़ित होते हैं। चिकित्सक इन मरीजों को घर का बना भोजन ग्रहण करने की सलाह दे रहे हैंं।
युवाओं और बच्चों का फास्ट फूड की तरफ अधिक रुझान होता है। अधिकतर बच्चे और युवा दाल, रोटी और सब्जी पसंद नहीं करते हैं। इसकी जगह वे फास्ट फूड का सेवन अधिक करते हैं। स्कूल-कॉलेज के छात्रों में फास्ट फूड का अधिक क्रेज है। इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व अन्य तकनीकी कॉलेजों की कैंटीन में सबसे ज्यादा डिमांड फास्ट फूड की है। छोटे बच्चों को जंक फूड पिज्जा, बर्गर, चाऊमीन, चिप्स एवं सॉफ्ट ड्रिंक की आदत हो गई है। इस कारण युवा और बच्चे हार्ट रोगी, पेट दर्द, मोटापा, हार्मोन संबंधित बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। फास्ट फूड के सेवन से मोटापा, मधुमेह, दिल की बीमारी और हाइपरटेंशन की समस्या हो रही है। इससे बचने के लिए पिज्जा, चाउमीन, बर्गर, मिर्च-मसालेदार खाद्य पदार्थ से परहेज करना चाहिए।
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भोजन में इन चीजों को करें शामिल
मील में दाल, सब्जी, रोटी, चावल को शामिल करना चाहिए। लंच और ब्रेक फास्ट में सलाद का सेवन अधिक करना चाहिए। भोजन में दही, छाछ को शामिल करना चाहिए। घर में बने फास्ट फूड को तरजीह दें। नीबू पानी व घर में बने शीतल पेय पीएं। बच्चों को शारीरिक व्यायाम जरूर कराएं
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बच्चों को जंक फूड से बचाएं। मौसम के अनुसार भोजन दें। मौसमी फल और सब्जी जरूर दें। इससे शारीरिक और मानसिक विकास होता है। बच्चों को व्यायाम कराएं। आजकल मोबाइल का इस्तेमाल करने से बच्चों को आंख की बीमारी हो रही है। - डॉ. दिनेश सिंह, जिला आयुर्वेद अधिकारी।
वर्जन:
बच्चों में मोटापा, शुगर और बीपी की समस्या आ रही है। इससे बचने के लिए बच्चों को पौष्टिक भोजन देना चाहिए। बच्चों को सीजन की सब्जी खिलाएं और पानी का विशेष ध्यान रखें। जंक फूड देने से परहेज करें। -डॉ. गौरव यादव, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल रेवाड़ी।