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Rohtak News: पीजीआई में दवाओं की कमी पर स्वास्थ्य मंत्री ने जताई नाराजगी बोलीं-मरीजों को 540 में से 200 तरह की ही दवाएं क्यों

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13-रोहतक पीजीआई की चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी में औचक निरीक्षण के दौरान डॉक्टर से बातचीत करतीं स्वा
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नोट : खांसी का सिरप व विटामिन सी की गोलियां तक नहीं...बॉक्स जोड़ा गया है।
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद आरती राव पहली बार शनिवार को पीजीआई का औचक निरीक्षण करने पहुंचीं। ओपीडी के छोटे दरवाजे से अंदर आईं स्वास्थ्य मंत्री के सामने मरीजों ने दवाइयों की कमी का मुद्दा उनके सामने रखा। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार 540 तरह की दवाओं की सुविधा दे रही है तो मरीजों को सिर्फ 200 तरह की ही दवाएं क्यों मिल रही हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए संस्थान प्रबंधन को जांच के सख्त निर्देश दिए। कहा, सभी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। यहां एचआईवी जांच के लिए मरीजों की लंबी कतार देखकर उन्होंने दूसरी खिड़की खुलवाई। वह मरीजों को पंजीकरण कराने में आ रहीं दिक्कतों से रूबरू हुईं।
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पीजीआई के शौचालयों में पसरी गंदगी व अव्यवस्था को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए जल्द व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि निरीक्षण के दौरान मरीजों के दोपहर दाे बजे के बाद ओपीडी कार्ड नहीं बनने व ऑपरेशन से जुड़ी कुछ अन्य शिकायतें भी उन्हें मिली हैं। मरीजों से ऑपरेशन का सामान बाजार से मंगवाया जा रहा है।
नियमों के खिलाफ बाजार से मरीजों के ऑपरेशन का सामान खरीदने के मामले की जांच करवाई जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश में 450 चिकित्सकों की भर्ती की जाएगी। इसके लिए फाइल पहले ही भेजी जा चुकी है।

कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा ने विस में उठाया था सफाई का मुद्दा
पीजीआई के शौचालयों व संस्थान की सफाई का मुद्दा कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा विधानसभा में उठा चुके हैं। उस समय स्वास्थ्य मंत्री ने पीजीआई का दौरा करने का आश्वासन दिया था। इसी कड़ी में वह पीजीआई पहुंची। पत्रकारों से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पीजीआई के शौचालयों समेत कई जगह सफाई की व्यवस्था जांचने पर स्थिति खराब मिली है। यहां दवाएं भी पूरी नहीं हैं। संस्थान बड़ा है, डॉक्टर अच्छे हैं। इन पर लोड भी है फिर भी कहीं कुछ कमी है। कहां क्या कमी है, यह जानने के लिए ही पीजीआई का दौरा किया है। इस ओर उचित कदम उठाए जाएंगे।
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खांसी का सिरप व विटामिन सी की गोलियां तक नहीं
संस्थान में कब्ज, खांसी का सिरप, सांस की गोली व इन्हेलर उपलब्ध नहीं हैं। विटामिन सी, ए व ई सरीखी सामान्य गोलियां तक खत्म हैं। इन्हें मरीजों को बाजार से खरीदना पड़ रहा है।


मरीज बोले-सभी दवाएं नहीं मिल रहीं, दो से तीन दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ेगी

सांस की दिक्कत है इसलिए इलाज के लिए पीजीआई आया हूं। यहांं डॉक्टर ने दवा लेने के लिए कहा है। कार्ड पर छह दवाएं लिखी हैं। इनमें से तीन ही मिली हैं। शेष तीन दवाएं बाजार से खरीदनी है।
- रामकिशन, झज्जर

कुछ दिनों से तबीयत खराब है इसलिए पोती चंचल के साथ दवा लेने पीजीआई आई हूं। गले में गांठ बताई है। पर्चे में लिखी तीन में से एक ही दवा यहां मिली है। अब बाकी की दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ेगी।
- सुर्पी, लाहली, रोहतक

बहन नीना की कमर में दर्द है इसलिए पीजीआई आए हैं। यहां चिकित्सक ने सात दवाएं लिखी हैं। इनमें से चार ही मिली हैं। बाकी दवाएं बाहर से लेने के लिए कहा गया है।
- अंकित, काहनौर, रोहतक
पीजीआई में इलाज के लिए सुबह नौ बजे आया था। यहां भीड़ में बड़ी मुश्किल से चिकित्सक ने जांच के बाद दवा लिख कर दी है। यहां न तो इन्हेलर मिला है न सांस की दवा। इन्हें बाजार से खरीदना पड़ेगा।
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- कृष्ण कुमार, महम

13-रोहतक पीजीआई की चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी में औचक निरीक्षण के दौरान डॉक्टर से बातचीत करतीं स्वा

13-रोहतक पीजीआई की चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी में औचक निरीक्षण के दौरान डॉक्टर से बातचीत करतीं स्वा

13-रोहतक पीजीआई की चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी में औचक निरीक्षण के दौरान डॉक्टर से बातचीत करतीं स्वा

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