रोहतक। जब सांसदों व विधायकों का अपना वेतन भत्ता बढ़ाना होता है तो बढ़ा देते हैं, अगर लिपिकों का वेतन बढ़ाना है तो सरकार की ओर से टालमटोल की जा रही है। यह बात क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान सुभाष पांचाल ने कही। वह शुक्रवार को क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी संबंधित भारतीय मजदूर संघ के निर्देशों पर 17वें दिन लघु सचिवालय के बाहर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल में अपने विचार रख रहे थे।
हड़ताल की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रधान सुभाष पांचाल ने बताया कि जिलावार लिपिकों की 35400 की मांग है। इस संबंध में शुक्रवार को लिपिकों की सरकार के साथ वार्ता हुई। यह वार्ता दो घंटे तक चली। लेकिन सरकार लिपिकों की 35400 की मांग मानने को तैयार नहीं है। प्रधान ने बताया की जब सांसद व विधायकों का वेतन भत्ता बढ़ाना होता है तो पक्ष विपक्ष के नेता एक होकर अपने भत्ते वेतन बढ़ा लेते हैं। तब किसी का कोई विरोध नहीं होता। जब सरकारी विभागों की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले लिपिक को उनका हक व सम्मानजनक वेतन देने की बारी आती है तो आनाकानी व टालमटोल किया जाता है। मंच पर सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि अगर सरकार 35400 की मांग पूरा नहीं करती तो हम अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
इस मौके पर राज्य प्रधान स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन अशोक शर्मा, सर्वअनुबंध अनुदेशक के राज्य उपप्रधान जितेंद्र बड़क, प्रधान एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन कुलताज, हेमसा राज्य प्रधान महेन्द्र प्रताप गुलिया, पीबीएसएस हरियाणा प्रवीन देशवाल व संजय सिंह मान सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने हड़ताल को समर्थन दिया।