विजेंद्र कौशिक
रोहतक। जिला उपभोक्ता आयोग ने आदेश दिए हैं कि कंपनी की कमी की वजह से उपभोक्ता का सिबिल स्कोर खराब हुआ है, जिसे ठीक किया जाए। साथ ही, उपभोक्ता को होने वाली परेशानी के लिए 10 हजार रुपये व कानूनी खर्च के तौर पर 5 हजार रुपये शिकायतकर्ता को दे। इसके अलावा, काटी गई राशि ब्याज सहित लौटाएं।
आयोग के रिकाॅर्ड के मुताबिक, अप्रैल 2023 में आर्य नगर निवासी गौरव ने याचिका दायर की कि उसने ऑनलाइन लेनदेन करने वाली वित्तीय कंपनी में अपना खाता खुलवाया था। कंपनी ने उसके खाते से प्रतिदिन के हिसाब से 534 रुपये काटने शुरू कर दिए।
जब उसने ई-मेल भेजकर कारण पूछा तो बताया कि आपने 1 लाख रुपये का लोन ले रखा है, यह उसकी किस्त काटी जा रही है। गौरव ने कहा कि ऐसा कोई लोन नहीं लिया। जांच में पता चला कि किसी ने बैंक खाता हैक कर लिया था।
फोन नंबर बदलकर खाते से एक लाख का लोन ले लिया। कहा कि उसने अपना फोन नंबर बदलने के लिए आवेदन नहीं किया। बार-बार शिकायत के बावजूद खाते से लोन नहीं हटाया गया।