रोहतक। शहर में पेयजल किल्लत का समाधान नहीं हो रहा है। घरों में पानी न पहुंचने के कारण लोग खारा और नलकूप का पानी पीने को मजबूर हैं। घरों के बाहर लगे सबमर्सिबल पर मोटरें लगाकर घरों तक पानी पहुंचा रहे हैं। वहीं, जन स्वास्थ्य विभाग के जलघरों तक पानी पहुंचाने वाले रजबहे से ही पानी बर्बाद हो रहा है। सोनीपत रोड पर रोजाना रजबहे से करीब तीन हजार लीटर तक पानी बर्बाद हो रहा है।
शहर की कॉलोनियों में दूषित जलापूर्ति की समस्या चरम पर है, दूसरी ओर अंतिम छोर के इलाकों में लोगों को पानी नसीब नहीं हो रहा। सलारा मोहल्ला, शोरा कोठी, रामगोपाल कॉलोनी, आंबेडकर व जींद रोड स्थित कॉलोनियों में लोग अधिक परेशान हैं। अंतिम छोर पर होने के कारण
इन कॉलोनियों में सप्लाई का पानी घरों तक नहीं पहुंच रहा है। डेयरी मोहल्ला, शुगर मिल कॉलोनी, तिलक नगर, रामनगर, गांधी कैंप व सुखपुरा चौक के क्षेत्र में दूषित जलापूर्ति की समस्या है। फाॅल्ट तलाशने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार काम कर रही है।
इसके बावजूद दूषित जलापूर्ति की समस्या से निजात नहीं मिल रही। सोनीपत रोड जलघर-1 के तालाबों में पानी नहीं होने से पुराने की शहर की 80 से अधिक कॉलोनियों में दो समय मिलने वाला पानी भी कटौती के साथ एक समय ही लोगों को नसीब हो रहा है।
मानसरोवर पार्क स्थित जलघर-1 का जलघर खाली
रजबहे से जलघर तक पानी सही मात्रा में न आने के कारण मानसरोवर पार्क स्थित जलघर-1 के तालाब खाली हो गए हैं। जलघरों में पानी मापक यंत्र से नीचे है। ऐसे नहरी पानी बिल्कुल बंद होने के बाद शहरवासियों के लिए संकट अधिक हो सकता है। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि लोगों के लिए पेयजल उपलब्ध है।
दूषित जलापूर्ति का स्थायी समाधान 16.50 करोड़ से रुपये की लागत से अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में शुरू हो जाएगा। फिलहाल, जहां दूषित जलापूर्ति की समस्या आ रही है वहां जांच कर समाधान किया जा रहा है। नहर से जलघर-1 तक रजबाहे का सुधार कर 27 करोड़ रुपये पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी दो माह के अंदर शुरू किया जाएगा।
- अनिल रोहिला, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग
नलों में सप्लाई का पानी न के बराबर आ रहा है। गली में लगे खारे पानी के हैंडपंप से पानी ला रहे हैं। हैडपंप के पानी से बीमारी होने की आशंका भी रहती है।
- अशोक जांगड़ा, अधिकवक्ता, आंबेडकर कॉलोनी
नलों में बिल्कुल पानी नहीं आ रहा है। विभाग के अधिकारियों को बार-बार शिकायत दी चुकी है लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। एक किलोमीटर दूर से पानी ला रहे हैं।
- ईश्वर सिंह, आंबेडकर कॉलोनी।
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त्योहारी सीजन करीब है। लोगों को पानी की बेहद जरूरत है। निजी टैंकरों के भरोसे काम चलाया लेकिन उससे भी राहत नहीं मिली। वार्ड में पेयजल समस्या का बुरा हाल है।
- रेनू, वार्ड-20
अशोक जांगड़ा, अधिकवक्ता, आंबेडकर कॉलोनी।
अशोक जांगड़ा, अधिकवक्ता, आंबेडकर कॉलोनी।
अशोक जांगड़ा, अधिकवक्ता, आंबेडकर कॉलोनी।
अशोक जांगड़ा, अधिकवक्ता, आंबेडकर कॉलोनी।
अशोक जांगड़ा, अधिकवक्ता, आंबेडकर कॉलोनी।