बालंद से बबिता और मंजू। -अमर उजाला
रोहतक। बुधवार चुनाव में महिला शक्ति का दबदबा रहा। कहीं बेटियां अपने परिजनों को मतदान करवाने ला रही थी तो कहीं बहु सास को मतदान करवाने ला रही थी। महिलाओं ने बताया कि उनकी चुनाव में बराबर की भागीदारी है। वह चुनाव लड़ रही हैं और उन्होंने चुनाव प्रचार भी किया। अब उसी हक के साथ वह मतदान करने भी आई हैं और अन्य लोगों को जागरूक भी कर रही हैं।
बालंद में मतदान करने आई बबीता व मंजू ने बताया कि चुनाव का दिन किसी पर्व से कम नहीं है। यह हमें हमारे संवैधानिक अधिकार दिलाता है। इसे राष्ट्रीय पर्व के रूप में मना रहे हैं और किसी आयोजन की तरह इसमें शामिल हैं। वहीं काहनौर की डिंपल सुनेजा ने बताया कि वह अपनी सास व ननद के साथ मतदान करने आई हैं। चुनाव में मतदान करना हमें हमारे अधिकारों को बताता है। इस दिन को हम भूल नहीं सकते। वहीं शिमली में एक युवती बुजुर्ग महिला का हाथ पकड़ कर मतदान करवाने के लिए आई। ऐसा ही महिला शक्ति के दृश्य कई मतदान केंद्रों पर थे। जबकि मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं को मतदान करने के लिए प्रचार करती कई महिला प्रत्याशी व उनकी समर्थक दिखाई दी।