सीजेएम अश्वनी कुमार की अदालत ने उपचार के दौरान लापरवाही बरतने से हुई
मरीज की मौत के मामले में पीजीआई के प्रो. वीसी को समन और एम्स अस्पताल के
एक डॉक्टर को 25 नवंबर को पेश होने के आदेश दिए हैं।
इस मामले में
प्रो. वीसी डॉ. एसएन चुघ को जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 15 हजार रुपये
के निजी मुचलके पर अग्रिम जमानत दी है। पीड़ित पक्ष ने मांग की कि प्रो.
वीसी को तुरंत पद से हटाया जाए ताकि केस प्रभावित न हो सके।
हरियाणा
पुलिस में गुप्तचर विभाग में तैनात एएसआई गांव बुवाना निवासी शीशराम को 24
अगस्त 2006 को सीने में दर्द होने की वजह से पीजीआई में भर्ती कराया गया
था, जहां उपचार के दौरान दो दिन बाद उनकी मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी सुमन
देवी ने आरोप लगाए थे कि उस वक्त पीजीआई में तैनात डॉ. अतुल ने शीशराम के
इलाज में लापरवाही बरती है और यूनिट हेड डॉ. एसएन चुघ ने भी मरीज के इलाज
पर कोई ध्यान नहीं दिया।
मामले को लेकर मृतक की पत्नी ने 27 अगस्त
2006 को इस बारे में अदालत में इस्तगासा दायर किया था। याचिकाकर्ता के वकील
संदीप राठी व रविंद्र बांगड़ ने बताया कि शनिवार को इस मामले में अदालत ने
डॉ. अतुल को 25 नवंबर को पेश होने के आदेश जारी किए हैं और साथ ही पीजीआई
के प्रो. वीसी डॉ. एसएन चुघ को 15 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जिला सत्र
न्यायाधीश की अदालत ने अग्रिम जमानत दी। इस वक्त डॉ. अतुल एम्स अस्पताल
दिल्ली में कार्यरत हैं।