वर्ष 2019 में रोहतक की बेटियों ने ही नहीं बल्कि बहुओं ने भी नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर शहर का नाम रोशन करते हुए सफलता का परचम लहराया है। शादीशुदा महिलाएं सही मायने में रोल मॉडल होती हैं। बात चाहे किसी भी फिल्ड की हो, वह सोसायटी, फैमिली, लाइफ और बच्चों की जिम्मेदारियों को निभाते हुए। अपने सपनों की उड़ान भरना बखूबी जानती हैं। इन महिलाओं ने उन महिलाओं के लिए मिशाल कायम की है, जो शादी के बाद जिम्मेदारियों के नाम पर अपनी जिंदगी को घर की चारदिवारी में कैद करके बिता देती हैं। रोहतक की इन बहुओं ने वर्ष 2019 में अपने सपनों में रंग भरते हुए महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की है।
पूजा दहिया: मिसेज यूनिवर्स ब्रिटेन-2019
घर और दो बच्चों की जिम्मेदारी होने के बाद परिवार, काम की जिम्मेदारी संभालना बहुत मुश्किल रहा। क्योंकि एक महिला के पास खुद के लिए बहुत ही सिमित समय होता है। जब इस ब्यूटी प्रेजेंट के बारे में पता चला तो ऐसा लगा मानो यही समय है अपने अधूरे सपनों में रंग भरने का। जिम्मेदारियों के बीच टाइम मैनेजमेंट और परिवार का साथ मिलने पर सब पॉसिबल हो सका। क्राउन जीतने के बाद खुद पर प्राउड फील हुआ। मिसेज यूनिवर्स ब्रिटेन-19 का खिताब जीतने वाली रोहतक की बहु पूजा फिलहाल लंदन में फैमिली सहित रह रही हैं।
डॉ. रागिणी सिंह: मिसेज क्लासिक यूनिवर्स यूएस-2019
वर्ष 2019 में नवंबर में इंटरनेशनल मिसेज क्लासिक यूनिवर्स यूएस का खिताब जीतने वाली डॉ. रागिणी सिंह ने बताया कि किसी भी उम्र में कुछ भी किया जा सकता है। एक महिला ही परिवार, समाज, देश व दुनिया का मजबूत स्तंभ है। अब समय बोलने का नहीं बल्कि कुछ कर दिखाने का है। महिलाओं में हजारों नहीं बल्कि लाखों खूबियां होती है। बदलाव घर से ही किया जा सकता है, इसके बाद ही समाज, देश और दुनिया में बदलाव संभव है। इसके लिए पहले अपनी खूबी को पहचानना जरूरी है। दूसरों को कॉपी नहीं करना चाहिए, बल्कि अपने हुनर को पहचानकर उसे नए आयाम दें। शादी के बाद सपने या जिंदगी खत्म नहीं होती, बल्कि एक नए और खुशनुमा फेज की शुरूआत होती है।
ज्योति बेदी: विदेशों में हरियाणवी संस्कृति को दे रही बढ़ावा
रोहतक के आर्या नगर की रहने वाली ज्योति बेदी ने वर्ष 2018 में दुबई में हुए ब्यूटी प्रेजेंट में हरियाणवी कल्चर को रिप्रेजेंट करते हुए मिसेज इंटरनेशनल चैरिटी क्वीन व मिसेज इंटरनेशनल का खिताब जीता था। उन्होंने वर्ष 2019 में 9 नवंबर को लंदन में तो 16 नवंबर को स्कॉटलैंड में हरियाणवी कल्चर को रिप्रेजेंट करते हुए हरियाणा दिवस मनाया। ज्योति बेदी ने बताया कि वह महिला सशक्तिकरण व हरियाणा की संस्कृ ति को बढ़ावा देने के लिए विदेशों में फोक डांस प्रस्तुति देती हैं। वह हर शादीशुदा महिला के लिए एक मिशाल कायम कर रही हैं। क्योंकि शादी के बाद जिंदगी खत्म नहीं हो जाती। अपने सपनों को पूरा करना सभी का अधिकार है। ज्योति ने कहा कि त्याग के लिए समर्पित होना जरूरी है, लेकिन स्वयं से दूर होकर खुद को खो देना ठीक नहीं।
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