रोहतक। एएसजे रजनी यादव की अदालत में फिरौती, लूट व मारपीट के मामले में जिम संचालक अपनी गवाही से पलट गया। 27 फरवरी को आए फैसले में अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि झूठी गवाही देने की बुराई को खत्म करना जरूरी है। क्योंकि गवाही से पलटने पर शिकायतकर्ता को सजा दी जाए। अदालत ने छह आरोपियों को बरी कर दिया।
अदालत में दाखिल आरोप पत्र में बताया गया था कि भिवानी स्टैंड निवासी दीपांशु सैनी ने अप्रैल 2019 में शिकायत दी थी कि वह जिम संचालक है। रात करीब पौने 10 बजे कार से जिम के लिए मशीन देखने पुराने बस स्टैंड के पास खन्ना हेल्थ क्लब गया था लेकिन क्लब बंद मिला।
जब वह यादव होटल वाली गली से लौट रहा था तो उसके दोस्त का फोन आ गया। वह गाड़ी रोककर फोन सुनने लगा। इसी बीच कुआं मोहल्ला निवासी छोटू, गोविंदा, सोनू व राहुल सहित अन्य आए। बोले, शिव चरण उर्फ शिब्बू को बेचने के लिए शराब देता है।
वे शिब्बू को बाद में सबक सिखाएंगे लेकिन पहले वे उसे सबक सिखाते हैं। आरोपियों ने कार से बाहर खींच लिया। साथ ही कुआं मोहल्ला ले गए। एक लाख रुपये की फिरौती मांगी। साथ ही डंडों व राड से हमला कर दिया।
कार के अंदर रखे 50,000 रुपये व पर्स से 7000 की नकदी निकाल ली। उसने अपने दोस्त नरेश को फोन करके छोटू को एक लाख रुपये देने के लिए कहा। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी कच्ची गढ़ी मोहल्ला निवासी अंकुश, नरेंद्र निवासी कुआं मोहल्ला, विक्रांत निवासी दरवाजा मोहल्ला, देवेन्द्र व गुलशन निवासी आंबेडकर कॉलाेनी व प्रदीप निवासी कुआं मोहल्ला को बरी कर दिया।